Vijay Kumar
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भगवान बुद्ध ने बतलाया,
भगवान बुद्ध ने बतलाया,जीवन जीने का मार्ग सरल,शांति, ज्ञान, करुणा से ही,निकलेंगे सभी द्वंद के हल। लुंबिनी वन में जन्म…
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साहित्य
पूर्णिका
हो जाए जो हो जाने दो।जश्न जीवन को मनाने दो।। कब मिलते हैं ऐसे मौके।अब चाह को आजमाने दो।। बहुत…
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साहित्य
नारी की महत्ता
एक नारी संभाल न पाया ,दूजी नारी तुम ढूॅंढ़ रहे हो ।इक नारी किए अपमानित ,दूजी से क्यों कुढ़ रहे…
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साहित्य
जीवन के रंग
ज़िन्दगी के इस ताने-बाने मेंनये किस्से नित जुड़ते हैं,कभी नर्म सी धूप बनकरकभी स्याह मेघ बन छा जाते हैं।। किस्मत…
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साहित्य
दिल का टुकड़ा
दिल का टुकड़ावह तो दिल का टुकड़ा थादिल के टुकड़े का मो़ल क्या है ?दिल के समंदर में बुलबुले का…
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साहित्य
आ. विक्रम सरजू प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा श्रीराम महिमा “”गुरु वशिष्ठ के राम “” मनन से मानस
बोलती कलम मंच के तत्वावधान मे “मनन से मानस” कार्यक्रम के अंतर्गत गत शनिवार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार मे अद्भुत…
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साहित्य
जीवन चिंतक
दिनांक : 3 मई , 2026कौन जीवन मीत है ,कौन जीवन मौत ।कौन जीवन जीत है ,कौन जीवन सौत ।।आ…
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साहित्य
भीड़ में भी मन अकेला
एक खूब सूरत बगीचा होताइसे देखने केलिए लोग आतारंग बिरंगी फूल से शोभित होताहरियाली से बगीचा सुंदर लगतालेकिन भीड़ में…
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साहित्य
तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय
जैसे यह आई उषा किरण ,निशा का प्रलय हो गया ।तुम्हें देख अंकुरित प्रणय ,चुपके तम भी खो गया ।।निशा…
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साहित्य
जल के पार भी माँ की ममता
यह दृश्य नहीं, एक अमर कहानी है,समय की छाती पर लिखी निशानी है,जीवन-मृत्यु के बीच खड़ी होकर भी,ममता की लिखी…
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