Vijay Kumar
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साहित्य
तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय
जैसे यह आई उषा किरण ,निशा का प्रलय हो गया ।तुम्हें देख अंकुरित प्रणय ,चुपके तम भी खो गया ।।निशा…
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साहित्य
जल के पार भी माँ की ममता
यह दृश्य नहीं, एक अमर कहानी है,समय की छाती पर लिखी निशानी है,जीवन-मृत्यु के बीच खड़ी होकर भी,ममता की लिखी…
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साहित्य
एक मजबूर जिंदगी
हताशा और भये के साये तले चल रही ये जिंदगी हैकोई नही साथ अपने कि बस ये गाड़ी चल रही…
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साहित्य
मौत की नुमाइश
हर तरफ़ अब दर्द की तस्वीर सजाई जा रही है,मौत भी जैसे आजकल दिखलाई जा रही है। जो कभी दिल…
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साहित्य
शिला अक्षर फाउंडेशन, दिल्ली के छठवें वार्षिकोत्सव 2026 का भव्य आयोजन
लखनऊ/कुरुक्षेत्र,2मई 2026शिला अक्षर फाउंडेशन, दिल्ली के छठवें वार्षिकोत्सव 2026 का भव्य आयोजन अखंड गीता पीठ, शाश्वत सेवाश्रम, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में…
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साहित्य
ग़ज़ल
नदी के क्रोध में कितने ही ख़्वाब डूब गए,न जाने कितने ही रिश्तों के जवाब डूब गए। वो माँ थी…
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साहित्य
भक्ति क्या है
बिना किसी मुहूर्त के जन्म लेना,जीवन भर मुहूर्त मुहूर्त करते रहना,अन्त में बिना किसी मुहूर्त के ही,संसार से सदा के…
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साहित्य
प्रेस स्वतंत्रता दिवस: एक आलेख
प्रेस और मीडिया जगत के संबंध में लोक कल्याण और लोकमंगल के हित में प्रस्तुत है एक विश्लेषण: आज के…
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साहित्य
श्रमवीर
हे श्रमवीर उठो, जागो ,आगे बढ़ोनिज पथ की ओर तुम नित,बढ़ो ,मत देखो तुम मुड़कर पीछे कभीतु श्रमवीर हो,बस सिर्फ…
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साहित्य
पंजाबी गीत
तू इश्क विश्क जडा कैंदा ए, ए इश्क दी आदत पायी नरूह तक जख़्मी कर देंदी ए पैडी आदत लगाई…
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