Vijay Kumar
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साहित्य
नशे की गिरफ्त में आज का युवा
नशा करना है तो पढ़ने लिखने का नशा करों अनपढ़ रहने में क्या रखा है। नशा करना है तो कुछ…
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साहित्य
मै एकस्वंय को कवि लिख रहा ‘ये मेरा गुनाह हे ये मेरा हक नही ।
न मंच न माईक सिर्फ फेशबुक पे आङे तिरछे शब्द चित्र बनाना ‘क्या आपको मेरे कवि होने पे शक नही…
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साहित्य
नशे की गिरफ्त में युवा भारत
युवा शक्ति है राष्ट्र की धड़कन,उज्ज्वल जिसका कल होता,नशे की काली छाया पड़ते,जीवन पथ विफल होता। सपनों की आँखों में…
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साहित्य
बेटे भी पराए होते हैं
उठकर पानी तक न पीने वाले,अब अपने कपडे खुद धो लेते है। कल तक जो घर के सबसे लाडले थे,आज…
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साहित्य
विजय के प्रतीक सीढियां
जिंदगी एक भँवर जैसे होती हैनित सुख दुखों से मुकाबला हैसमुद्र में लहरें आते और जाते हैंकिंतु इसे पार कर…
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साहित्य
प्रदत्त शब्द- कालचक्र
विधा -दोहा कालचक्र में सब बंँधे, कर्मों के अनुरूप।राजा होता रंक है, रंक बने है भूप।। कालचक्र के साथ में,चलता…
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साहित्य
शौक
तरह-तरह के शौक है जग में,शौक बिना सब कुछ बेकार।शौक ही है जीवन की संतति,शौक से मिले आनंद अपार।। शौक…
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साहित्य
आम
आम ले लो आम सस्ते लगे हैं दाम ,आम देखो ताजा ,खाने में है माजा ।सुंदर स्वादिष्ट लो ,मन भरकर…
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साहित्य
समय को व्यर्थ न गंवाएं
“समय बहुत ही मूल्यवान हैव्यर्थ कभी मत खोनाहो जाता है एक घड़ी के लिएजन्म भर रोना”समय का महत्व हमारे जीवन…
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साहित्य
सत शिक्षा अनमोल रत्न
सत शिक्षा है अनमोल रत्नकरो इसका मन से जतनसत शिक्षा जीवन को है संवारतीसत शिक्षा जीवन के मार्ग प्रशस्त है…
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