Vijay Kumar
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साहित्य
किताबों की खुशबू
किताबों की खुशबू में बसता है एक संसार,जहाँ शब्द नहीं, भावनाएँ करती हैं प्यार ,हर पन्ना जैसे दिल की कोई…
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साहित्य
विश्व पृथ्वी दिवस।।
आज आओ यूं मिलकर हम,विश्व पृथ्वी दिवस मनाते है।धरा को प्रदुषण मुक्त करके,उसे हरियाली चुनर ओढा़ते हैं।। अति दोहन करके…
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साहित्य
गर्मी की इस तपिश में,
गर्मी की इस तपिश में,मानो हर कोई जलता है। आशियाने से निकलने से,मानो हर कोई डरता है। श्रष्टि की ये…
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साहित्य
सेवा की सियासत
राकेश आनंदकर सच को पांच साल का जब वनवास मिला ।लोग झूठ को सेवा की सियासत कहते चले गये ॥…
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साहित्य
विश्व पृथ्वी दिवस
विश्व पृथ्वी दिवस पर आओ, धरती को सँवारें,सूखी गोद में हरियाली के फिर दीप हम उतारें। काट-काट वन मानव ने,…
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साहित्य
अगर मै फिर से शुरू करूँ
अगर मै फिर से शुरू करूँ, नयी जिंदगी संग तेरे ?तो बोलो,साथ दोगी ना इसबार तुम मेरे ?बीते दिनों की…
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साहित्य
पापा की परी बेटियां
बेटी हुई पराई पापा दिल ना दुखानाघर आऊंगी जल्दी प्यार दुगना देना । मोती की लड़ियों जैसे आंसू न बहानाजब…
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साहित्य
किताबों से दोस्ती
बीते हुए कल को याद न कीजिए ,हर बात,हर घटना के लिएअपने आप को दोषी मत मानिये।छोटी -छोटी बातों को…
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साहित्य
नारी शक्ति:
नारी तुमअबला हो तब तक,जब तक कि तुमभागती रहोगीअपने शक्ति की खोज मेंजगह-जगह ।भले ही तुम,बन जाओतरह-तरह की देवियां,औरतरह-तरह की…
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साहित्य
इन्सान से इंसानियत तक
पानी के झगड़े – मिट्टी मेंइन्सान की मत गढ़ो जात रे !सूरज – चंदा नहीं करते फ़र्कभेदभाव की क्यों करते…
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