Vijay Kumar
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साहित्य
खनकते सिक्कों के बाज़ार में
खनकते सिक्कों के बाज़ार में अपना स्थान न बनाया जाए।भोर हुई और नया सूरज चमक उठा ऐसा शोर मचाया जाए।।…
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साहित्य
मूर्खता दिवस
मूर्खता जीवन का कोढ़ है ,मानव को करता भ्रष्ट है ।मूर्खता भरे इस जीवन में ,हो जाता बहुत कष्ट है…
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साहित्य
नई सुबह का सूरज
नई सुबह का सूरज ,नव ले आया प्रकाश ।सोकर जगीं चिडियाॅं ,ताजगी ले एहसास ।।चंदा भागा तारे भागे ,निशा गईं…
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साहित्य
दारू
विधा : हास्य ( भोजपुरी ) दारू पूछे मेहरारू से ,काहे नफरत दारू से ।हमरे कारण पति के ,आरती उतारे…
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साहित्य
अप्रैल फूल का महत्व
अप्रेल फूल का दिन, मजाक का दिनहंसने का दिन, खुशियों का दिनआज के दिन, लोग बनाते हैं मजाककहते हैं, “अप्रेल…
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साहित्य
अधूरी ख्वाइशो
पक्षियों की तरह उड़ना चाहताप्रभू को प्रत्यक्ष से देखना चाहताहिमालय पर्वत पर चढ़ना चाहतासमुद्र की टापू पर पार करना चाहताये…
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साहित्य
देश की प्रथम महिला डॉक्टर स्वर्गीया डॉ आनंदी गोपाल जोशी जी की जयंती पर सजा कल्प कथा मंजूषा मंच।
भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर भावना भारद्वाज कल्प मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
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साहित्य
एक प्रेम बंधन
ऐसा वैसा नहीं है ये बंधनये बंधन है सात जन्मों कादो लोगों का जीवन भर साथ निभाने कासम्पूर्ण रूप से…
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साहित्य
परिवार
परिवार जीवन रूपी नाव की पतवार हैजीवन जीने का सुन्दर सरल आधार है परिवार से रिश्तों की अहमियत होती हैइंसानी…
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साहित्य
पिता मेरे अनमोल खजाना
मिल जाओ सपनों में पापा ,हकीकत में मिल पाऊंमेरा इतना नसीब नहीं पापा। आपकी प्यारी यादें अब ,जीने का सहारा…
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