Vijay Kumar
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साहित्य
नारी दिवस
विषय-नारी तेरे कितने रूपविधा-काव्य माँ रूप मे भावे नारी. लक्ष्मी का तू अवतार नारी यशोदा का श्रंगार नारी काली का…
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साहित्य
कोशिश ज़रूरी है।।
ख्वा़बो की यूं चाहत बेहद जरुरी है।कुछ पाने की हसरत हमें जरूरी है।। कुछ खोने की आहट भी जरुरी है।अंधेरी…
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साहित्य
रामचंद्र भगवान
रामचंद्र भगवान छोटे बाल्यावस्था में 4-5 वर्ष उम्र थी , काकभुशुण्डि के साथ पांव की पैजनिया की मधुर आवाज में…
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साहित्य
तेरह फरवरी चुम्बन दिवस
प्रेम का एक हिस्सा है,चुंबनजिससे रोचक होता है,मनझिझोर देता है ये,सारी बदनलेते है जब,किसी को चुंबनअति उत्साहित होते है जबकोई…
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साहित्य
सब्र-ओ-करार
पाले बैठे हैं उम्मीदेंवो वक्त लौटे गा जरूर … सब्र-ओ-करार का ।दिल थामें बैठे हैंनहीं भरोसा हमें बाग-ए-बहार कागुल कब…
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साहित्य
क्या लिखूं
क्या लिखूं मैं प्रभु भजन संध्या कीर्तनया लिखूं मां बाप के चरणों का वंदनक्या लिखूं मैं सनम की आंखों पर…
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साहित्य
खुशियों की चाबी
विधा-काव्य इंसानी मन के सन्दुक मे खुशियाँ समायी होती हैजीवन जीने की एक लालसा दिखाई देती है इस सन्दुक मे…
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साहित्य
आ गले लग जा तुम
आ गले लग जाओ तुमकि याद बहुत आती हो तुमहमदोनों ही एक ही हैतो फिर दूर क्यों खड़ी हो तुम?तुम्हारे…
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साहित्य
आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती जी
महर्षि दयानंद, आर्य समाज के संस्थापक, वेदों के ज्ञाता थेउनका जन्म 12 फरवरी 1824 कोगुजरात में हुआ थाउनका मूल नाम…
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साहित्य
सर्वोपरि है देश
स्वर्णिम अतीत का गान करो, दिल में आत्मीय जज़्बात भरोबने राष्ट्र सिरमौर मेरा फिर,मातृभूमि से प्यार करो। नमन करो इस…
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