Vijay Kumar
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साहित्य
मोह-माया
मोह-माया का ये बंधनहै उस अनन्त की मायाहै ये कलि काल ब्रह्मज्ञान बात है दूरमोहपाश बंधन बंधा है–जीवअसत्य धन व…
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साहित्य
नर्मदे हर – हर- सुरक्षित सब घर
कल- कल बहती नर्मदा, पावन सुंदर घाट।सुता है महाकाल की, अद्भुत अनुपम ठाठ।। निर्मल जल की धार है – तृप्त…
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साहित्य
ऐ सुभाष नवरूप में आओ
आओ सुनाएं सुभाष चंद्र बोस की वीरता की कहानीसुनी है जो मैंने लोगों की जुबानीस्वतंत्रता संग्राम के थे प्रमुख सेनानी23…
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साहित्य
बालिका दिवस
बालिका दिवस ,एक खास दिन हैबेटियों के सम्मान का, खुशियों का विश्वासआओ हम सब मिलकर बेटियों के लिए उठाएं आवाजउन्हें…
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साहित्य
बिहार की वीर गाथा
गंगा की लहरों ने जिनका नाम पुकारा,धरती ने जिनको वीर कह सँवारा।माटी यहाँ केवल मिट्टी नहीं,हर कण में इतिहास की…
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साहित्य
अनुशासन
मानव जीवन बनता है तभी महान ,व्यवस्थित रहता करता अनुशासन का मान,सपनों की गहराई को समझना,स्वाध्याय के दर्पण का कर…
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साहित्य
कुछ तुम लिखो, कुछ हम लिखें
कुछ तुम लिखो, कुछ हम लिखें।जो नहीं दिखता, वह सच लिखें।। हौसलों की स्याही से हकीकत बन जाएँगे।हिम्मत से बुलंदियों…
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साहित्य
जाड़ों का मौसम और सुहानी धूप
जाड़ों का मौसम और सुहानी धूप खिले हुए चेहरों को भाती है।ऊनी कपड़ों की भरमार प्रत्येक घर में खूब देखी…
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साहित्य
उसने मुझे जो दिया
वह सिर्फ़ पास आकर ठहर गई—इतना किया,मेरे भीतर की हर हलचल को शांत किया। उसके मौन ने सिखाया ठहराव का…
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साहित्य
रात का तीसरा पहर — मिहार की फुसफुसाहट
रात का तीसरा पहर—वह समय जब पूरा गाँव सोता नहीं,बस चुप हो जाता है।इस चुप्पी में अँधेरासाँस लेता हुआ लगता…
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