Vijay Kumar
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साहित्य
मौन का रेगिस्तान
जब दो लोगों के बीचमौनअथाह रेगिस्तान बनकरपसार जाए,तो समझ लोबरसों पहले बंधीप्यार की वह गांठदोनों के मन में चुभने लगी…
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साहित्य
आजमा कर छोड़ दिया
आ जमाने आजमाने ,आज माॅं ने ऐसा मोड़ दिया ।चले थे तुम हमें आजमाने ,तुझे आजमाकर छोड़ दिया ।।समझे थे…
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साहित्य
शिक्षक और समाज
संघर्ष, प्रयास और अनुभव सामाजिक दृष्टि से सशक्त शिक्षक होते हैं। महान शिष्य स्वामी विवेकानंद ने अपने महान शिक्षक और…
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धर्म
सामयिक चर्चा
विक्रम संवत् २०८२ भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा अर्थात आने वाले 7 सितंबर 2025 से पितृपक्ष आरंभ हो रहा है—पितृपक्ष तथा नवरात्र…
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साहित्य
आभार एवं धन्यवाद
आज का दिन मेरे लिए अत्यन्त भावनात्मक और स्मरणीय है। साहित्यिक सचेतना के संस्थापक आदरणीय नरेंद्र रावत ‘नरेन’ जी तथा…
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साहित्य
सेवा और त्याग की सार्थकता
“सच्ची और सम्मान के लिए पैसे की नहींबल्कि सेवा और त्याग की जरूरत होती है”सेवा और त्याग, मनुष्य जीवन का…
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साहित्य
सोशल मीडिया का समाज पर प्रभाव
आज का युग विज्ञान का युग है यहां पर नित नये-नये आविष्कार जन्म लेते हैं और उनका प्रभाव सकारात्मक भी…
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साहित्य
भारत की पराधीनता
हमारे भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। हमारा भारत कभी मानवता के सागर के लिए जाना जाता…
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देश
राजनीति में गालीवाद का उदय
© आलेख: डॉ. अभिषेक कुमार राजनीति, जो कभी, समाज के पिछड़े, वंचितों के उत्थान, बिना भेदभाव के समाज की सेवा,…
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धर्म
सर्वेश्वरी प्राकट्य महोत्सव का भव्य आयोजन आचार्य पीठ – अमेठी में सम्पन्न होगा।
अमेठी, उत्तर प्रदेश –श्रीनिम्बार्क सेवासंस्थान अमेठी विश्व परिवार की ओर से यह सूचित किया जाता है कि३१ अगस्त २०२५, रविवार…
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