Vijay Kumar
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साहित्य
मन की बात
सब के मन में बातें होती , आज सुनो मेरे मन की बात।मेरे मन की है ये चाहत, रहे सद्भाव…
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साहित्य
कविता
कहते हैं कि दिवारों के कान होते हैं,तो हम दिवारों से बातें करके सो लेंगे, तकिया लगा कर सिरहाने रात…
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साहित्य
दहेज नहीं, तितली के पंख चाहिए
हमें दौलत का अंबार नहीं चाहिए,हमें दिखावे का श्रृंगार नहीं चाहिए,तुम बस अपने सपने साथ लाना,बाकी हर मंजिल हम खुद…
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साहित्य
मुक्तक
कुंद इंदु सम देह हैं जिनकी कानों में कुंडल सोहे।गले नाग मस्तक त्रिपुण्ड शुभ ,सबका मन शिवजी मोहे।तन में भस्म…
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साहित्य
कविता
ऐसी संगति किस काम की , जो जीवन गर्द कर दे , ऐसी शिक्षा बेकार है, जो भटका दे अंधियारे…
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साहित्य
मारुति नंदन
मारुति नंदन हे दुख भंजन,विनती सुनो हमारी!आया हूँ मैं शरण तुम्हारे,रक्षा करो हमारी!! संकट मोचन संकट हर कर,विपदा टारो सारी!करूँ…
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साहित्य
कलयुग में सद्कर्म
मेरे लिये मेरी आदतें ही नासुर हो गयींनफ़रत के बावजूद अहित किसी का ना कर पाना ही कसूर हो गई…
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साहित्य
मुक्ति का मार्ग
वेदों ने सत्य-धर्म की राह दिखाई,कर्मों को निष्काम बनाओ।उपनिषदों ने आत्मज्ञान का दीप जलाया,भीतर प्रभु को पाओ। पुराणों ने भक्ति,…
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साहित्य
संघर्ष, सेवा और संस्कारों की अमिट विरासत : स्वर्गीय रेवती प्रसाद शर्मा
संघर्ष, सेवा और संस्कारों की अमिट विरासत : स्वर्गीय रेवती प्रसाद शर्मा रुंधी, पलवल, हरियाणा। जीवन में संघर्ष, कर्मनिष्ठा, ईमानदारी,…
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साहित्य
राहें आसान न होगी
राहें आसान न होगी, पग-पग पर तूफ़ान मिलेंगे,जीवन के इस कठिन डगर में, कितने ही अवसान मिलेंगे।काँटों से डरकर रुक…
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