Vijay Kumar

  • धर्म

    नामकरण संस्कार

    !! नामकरण संस्कार का महत्व !! यह समस्त चराचर जगत् नामरूपात्मक है । संसार में जितने भी प्राणी तथा वस्तुएँ…

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  • साहित्य

    केशव रा कमळ खिल्या

    धरती धोरां री, हिवड़ो सुवेरो,श्रीमाधोपुर रा दिलीप जी हीरो।समाज सेवा में रात-दिण रमता,राष्ट्र ने आगू करणो ही मंतर जपता। मिलनसार…

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  • साहित्य

    बाल कविता

    नन्ही चिड़िया बच्चों के संगसैर करने को जब निकलीचिड़ा पापा को ढूंढ रही थीलेकिन सफलता नहीं मिली।।   नभ की…

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  • साहित्य

    आज के जादू की दुनिया में

                            आज के जादू की दुनिया में,                    अब नहीं होते वे आंगन और चौबारे,                  जहां मिल जुल कर बचपन हमने…

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  • साहित्य

    कविता

    परिस्थिति__ (1)भरत का राम मिलन वनवास में, श्री राम का राजा भरत को उपदेश, वन्य जीवन सिया, राम, लखन का,…

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  • साहित्य

    शान्ति का पैगाम

    हुए देश में जो ऋषि-मुनि हैं,सबने शान्त मार्ग दिखलाया।प्रेम जगत में सबसे प्यारा,मृदुल स्तम्भ सबने बतलाया।। प्रेम सकल रोगों की…

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  • साहित्य

    वन्य-जीव

    जंगली जीव हर उस वृक्ष, पौधे, जानवर और अन्य जीव को कहते हैं जिसे मानवों द्वारा पालतू न बनाया गया…

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  • साहित्य

    लघुकथा: रागिनी

    (स्वरचित) उत्तर भारत के एक पहाड़ी गाँव में स्थित एक छोटे से स्कूल में आठवीं की छात्रा “रागिनी” पढ़ाई में…

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  • साहित्य

    मैं एक इंसान हूं

    (वर्तमान परिपेक्ष्य में) मैं एक इंसान हूं, मगर पहचान धुंधली है,चेहरा दिखता है मास्क में, पर मुस्कान गुम सी है।हर…

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  • साहित्य

    आत्मरक्षण

    (स्वरचित दोहे) आत्मरक्षण मूल बीज है, धर्म-वृक्ष विस्तार।आत्मरक्षण बिना नहीं, सत्य-धर्म सत्कार॥1॥ आत्मरक्षण दीप वह, जो अंतर में सदा जले।आत्मरक्षण…

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