Vijay Kumar
-
साहित्य
साक्षरता का अलख
साक्षरता का अलख जगाकर,शिक्षित सबको करना है।संकल्पों का दीप जला कर,ज्ञान उजाला भरना है। साक्षरता की राह पर चलें, शिक्षा…
Read More » -
साहित्य
बनवा दो सांसद मुझे (बाल कविता)
पापा मुझे भी बनवा दो सांसदबनवा दो ना बनवा दो नामैं भी जन की सेवा करूंगामैं भी देश की सेवा…
Read More » -
साहित्य
“तो हम विश्व गुरु कैसे बन पाएँगे” – कवि डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र “आदित्य” की कविता की समीक्षा
डॉ.यल.कोमुरा रेड्डीसमीक्षक, कवि और लेखकवारंगल जिला, तेलंगाना राज्य कवि डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र “आदित्य” की कविता “तो हम विश्व गुरु…
Read More » -
साहित्य
देवशयनी एकादशी कहा जाता है
एकादशी महत्वपूर्ण तिथि होती है,वर्ष में चौबीस एकादशी होती हैं,अधिकमास या मलमास आता है,तब एकादशी छब्बीस हो जाती हैं। आषाढ़…
Read More » -
साहित्य
साथ।
तुम साथ भले न दो,पर साथ मेरे रहना,मुझे अकेलेपन की आदत, आदतन अब नही है।। बात मेरी तुम जब चाहो…
Read More » -
साहित्य
ग़ज़लें
1 लाख आँसू हमारे ढ़लते हैं। लोग पत्थर कहाँ पिघलते हैं। जान पायेंगे हम उन्हें कैसे, शक़्ल पे शक़्ल जो…
Read More » -
साहित्य
कृष्णा
कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा, राधे राधे राधे राधे। राधे कृष्णा राधे कृष्णा, हरे कृष्णा, हरे कृष्णा।। कृष्णा तुम…
Read More » -
साहित्य
देव भूमि की छटा निराली
नील बितानों में लिपटी घाटीस्वपन सा मोहित हर रजकणजहाँ अरण्य नहीं बस वन हैं,जिनमें बसते परम ब्रह्म। गगन से करते…
Read More » -
साहित्य
अकसर ऐसा क्यों होता है
अकसर ऐसा क्यों होता हैजो सोचो वह न मिलता है!अक्सर ऐसा क्यों होता है ??मांजी जब आवाज लगाती ।।भैया सुन…
Read More » -
साहित्य
नर्सिंग न केवल पेशा, बल्कि सेवा, समर्पण व करुणा का प्रतीक है: एएसपी करियारे
नर्सिंग छात्रों का प्रमाण पत्र वितरण समारोह, भावुक हुआ पल सुनील चिंचोलकरबिलासपुर, छत्तीसगढ़। विश्वास सोशल वैलफेयर सोसायटी (उपासना एजुकेशन ट्रस्ट)…
Read More »









