Vijay Kumar
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साहित्य
गजल
साथ में थे हम सभी खुशहाल ये परिवार था,महफिल सजी रह गई रौनक बिना संसार था। जिंदगी कब तक हमारी…
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संयम
संयम की राह पर चलना,जीवन को सँवारने का तरीका है।आत्म-नियंत्रण की शक्ति से,हम अपने लक्ष्यों को पा सकते हैं। अपने…
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साहित्य
गुप्त नवरात्रि:नौवीं महाविद्या मातंगी देवी
नौवीं महाविद्या मातंगी माता,दस महाविद्याओं में से एक हैं,मातंगी माता वाणी, कला औरसंगीत की देवी मानी जाती हैं। धार्मिक ग्रंथों…
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साहित्य
था इक कमरा भरा पूरा,
था इक कमरा भरा पूरा,जिसमे था परिवार बुना,इक इक मोती जोड़ तोड़कर, बनाया था कुनबा नवां।हर कोई उसको लगा सींचने…
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साहित्य
ईश आस्था पर अतीव सुंदर प्रसंग
‘योगक्षेमं वहाम्यहम्‘ आज से लगभग साढ़े पाँच सौ वर्ष पहले जगन्नाथ पुरी में अर्जुन मिश्र नाम के एक विद्वान ब्राह्मण…
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साहित्य
सुरेन्द्र कुमार सिंह चांस के गीत पर चर्चा करते हुए
— मनोज जैन, संस्थापक – वागर्थ समूह “जिस्म में कैद कर रौशनी” – यह शीर्षक ही पाठक को उस द्वंद्व…
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साहित्य
मंजिल की राहें इंसानियत छोड़ आए
आज जिंदगी की आपाधापी मेंमानव मंजिल की राहें पाने के लिएइंसानियत छोड़ आए हैंमंजिल को का लेने की ख्वाहिश एक…
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साहित्य
बस मुझे संघर्ष करने दो
बस मुझे संघर्ष करने दो जिंदगी जी ऐसे मैंने,जैसे चमन का प्रसून।काँटों संग उलझी रही ,मुस्कुराती रही जान। अपने जीवन…
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साहित्य
चर्मण्वती साहित्य सम्मेलन तथा अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी सम्पन्न
गाजियाबाद/नई दिल्ली । राष्ट्रीयता संरक्षण अभियान नेपाल,बुलंदी अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था भारत तथा डिलाशैनी गांव पालिका बैतड़ी के संयुक्त तत्वावधान में…
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साहित्य
आठवीं महाविद्या बगलामुखी
गुप्त नवरात्रि में अष्टम महाविद्या बगलामुखी की पूजा की जाती है,इन्हें पीतांबरा, वल्गामुखी, ब्रह्मास्त्र विद्या नामों से भी जाना जाता…
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