Vijay Kumar
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साहित्य
पूर्णिका
जिंदगी में इश्क की शुरवात तो होगी।एक दिन उसी से मुलाकात तो होगी।। चुप्पी आखिर कब तक एक हद तो…
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साहित्य
चार महीने बाद मिली एक खबर
18 तारीख की दोपहर करीब तीन बजे का समय था। मैं रसोईघर से खाना निकाल रही थी। तभी अचानक ध्यान…
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कविता
जरुरी नहीं कि हर रिश्ता किसी के रहमो-करम से टिका हो, जरुरी नहीं कि हर राह मंजिल पर ले जाती…
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साहित्य
मैं सनातनहूँ
मैं सनातन भारत का, अंगार धधकती ज्वाला हूँ,मैं अमृत का सागर हूँ, तो मैं ही विष का भी प्याला हूँ।मेरा…
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साहित्य
लखनऊ काव्य, गीत,ग़ज़ल संगम एवं सम्मान समारोह
लखनऊ काव्य, गीत,ग़ज़ल संगम एवं सम्मान समारोह गीत ऋषि स्वर्गीय गोपाल दास नीरज की स्मृति में लखनऊ महानगर के कृष्णा…
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साहित्य
दिखे है चाँद में रोटी ,
दिखे है चाँद में रोटी , मै पूनम रात का माराचलो अब रोक लो आँसू , समंदर हो रहा खाराजहर…
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साहित्य
गया में क्यों करते हैं श्राद्ध
धर्मशास्त्र के अनुसार गया की 54 वेदियों में विष्णुपद का प्रथम स्थान है। इसके दर्शन मात्र से ही से ही…
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साहित्य
शिक्षक सुनील कुमार खुराना ने शिक्षक संकुल मासिक बैठक सितंबर 2026 का आयोजन किया
नकुड़ सहारनपुर में शिक्षक संकुल की मासिक समीक्षा एवं प्रशिक्षण बैठक का आयोजन दिनांक 15 सितंबर 2026, दिन मंगलवार को…
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साहित्य
मनमोहक/ मनभावन / मनोरम
विधा : पद्यक्या अनुपम प्राकृतिक छटा है ,नभ तल सुंदरता से ही पटा है ।दिख रहा जैसे दूर ही कहीं…
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साहित्य
मैं सनातनहूँ
मैं सनातनहूँ मैं सनातन भारत का, अंगार धधकती ज्वाला हूँ,मैं अमृत का सागर हूँ, तो मैं ही विष का भी…
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