Vijay Kumar
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साहित्य
हरियाली और प्रेम का प्रतीक
मेंहदी की हर पात में, हरियाली का मान,लाल रंग बन रच गया, प्रेम-प्रणय की शान। सावन की फुहार में, महके…
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साहित्य
चरित्र का उपहास नहीं, सम्मान कीजिए
मनुष्य का वास्तविक परिचय उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसके चरित्र से होता है। चेहरा समय के साथ बदल जाता…
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साहित्य
दिल-ए-नादां
( एक गजल ) जिंदगी क्यूं ख़फ़ा हो गईआ के जिंदगी के इस मोड़ पेआओ फिर मिल के चलेंजिंदगी को…
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साहित्य
भारत के लाड़ले, मिसाइल मैन अब्दुल कलाम
शिक्षित, संस्कारी मिसाइल मैन हमारे,जन-जन को अब्दुल कलाम थे प्यारे।। कानों में ध्वनि गूंजती थी जिनके,भगवद्गीता के संस्कृत श्लोकों की।डार्विन…
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साहित्य
आज ही सुना जाए
आज फिर एक नई सुबह ,नवीन विचार भी होंगे !कल का किया भी होगा,तो आज कई सवाल भी होंगे,,,,, आज…
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साहित्य
26 जुलाई 2026 को साहित्यकार संगम संस्था बुलंदशहर द्वारा कारगिल विजय दिवस पर श्री नारायण समाचार पत्रालय खुर्जा में एक काव्य संध्या का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम संस्था के अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार शर्मा व सचिव डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या – सागर ‘ द्वारा…
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साहित्य
युवा और सैनिक
जब-जब अन्याय बढ़ जाता है,जब सच का गला दबाया जाता है,तब इतिहास के पन्नों पर,एक युवा फिर जन्म उठाता है,आँखों…
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साहित्य
एक निर्णय…
न यह किसी चेहरे की हार है,न किसी पद की जीत का मान।यह तो समय की उस चौखट पर,लिखा गया…
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साहित्य
कारगिल विजय दिवस
है जवान भारत माँ के सच्चे सपूत महानतुममे है देश के प्राण ओर तुम हो हमारी शानदिल से नमन तुमको…
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साहित्य
हमरी भी सुन लो ओ बरखारानी
हमरी भी सुन लो ओ बरखा रानी, गरजो बरसो आके अंगँनवाँ में, सूखे से राहत देव ओ महारानी।अषाढ़वा भी बीता,…
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