Vijay Kumar
-
साहित्य
मोहब्बत अभी ये नई नई है
तुम्हारी ज़ुल्फ़ें खुली हुई हैं,कुछ तो बातें नई हुई हैं।तुम्हारी आँखें ये कह रही हैं,मुलाक़ातें किसी से नई नई है।…
Read More » -
साहित्य
याद करें उन वीरों को हम
हम याद करें उन वीरों को,जिसने है विजय दिलाई थी |शहीद हो गए देश की खातिर,कारगिल पर फतह दिलाई थी|…
Read More » -
साहित्य
कारगिल विजय दिवस
आज विजय दिवस परमन आहत हैलगता है माँ बाप देशप्रेमभूल गएपैसे कमानें की ललक मेंबच्चों के प्रति कर्तव्य ही भूल…
Read More » -
साहित्य
है गर्व मुझको उन पर
है गर्व मुझे उन माँओं पर,जिन्होंने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया |अपने जिगर के टुकड़े को,वतन की खातिर खुद…
Read More » -
साहित्य
कारगिल: शौर्य की गाथा
बर्फीली थीं वो चोटियां, पर हौसले अंगारे थे,दुश्मन ने घेरा था ऊपर से, हमने हिम्मत से मारा था।“विजय” का संकल्प…
Read More » -
साहित्य
दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा कौस्तुभ मणि अलंकरण से सम्मानित, रघुवंशमणि सिंह के प्रयासों का हुआ अभिनंदन
न्यूज़ धमाका समाचार पत्र के छठे वार्षिकोत्सव के अवसर पर तुलसी भवन, बिष्टुपुर में आयोजित सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय…
Read More » -
साहित्य
भारतीयता
यदि कम पैसा है तोथोड़ा कम पढ़ाओंमगर अभिभावकों सेविनती है भारतीयताऔंर सभ्यता अवश्यबच्चों को सिखाओंमाँ बाप पहले गुरूहोते हैं ऐ…
Read More » -
साहित्य
कारगिल विजय दिवस
सुरु नदी के किनारेगिल्लित बालिस्तान के सामनेकारगिल हिमालय पर्वत की तरहयह बर्फ से ऊंचे पर्वत प्रदेश होते हैं। कश्मीर को…
Read More » -
साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ दशम् दोहे
भोर सुहानी हो गई, खुले गगन के द्वार।सिन्दूरी धरती हुई, प्रकृति करे श्रृंगार।। उदयाचल पर हो उदित, डाल रहे सम…
Read More » -
साहित्य
युवा: राष्ट्र का भविष्य, परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति
जंतर-मंतर पर युवाओं की बुलंद होती आवाज़ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि युवा केवल देश का…
Read More »









