Vijay Kumar
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
एक बात बोलूं साहेब,मरने पर जिसने मुझे मजबूर कर दिया आज वही आंसू बहां रही है,मैं आंखे नहीं खोल रहा…
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साहित्य
गुलाब की अभिलाषा
राम वल्लभ गुप्त इंदौरनेह का पुष्प हूं, चंद दिन खिलूंगाजितना दिन प्यार दोगे? जी लूंगा ओ मेरी लताऐं एंव मित्र…
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साहित्य
देवशयनी एकादशी
एकादशी महत्वपूर्ण तिथि होती है,वर्ष में चौबीस एकादशी होती हैं,अधिकमास या मलमास आता है,तब एकादशी छब्बीस हो जाती हैं। आषाढ़…
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साहित्य
हस्ती
हस्ती कुछ ऐसी हमारी मिटाये मिटती नहीलाख सितम तेरे हो मेरे रब निगाहें हमारी झुकती नहीं सितम है कि पल…
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साहित्य
कफ़न
कफ़न सफेद है, मगर दाग सब उसके अंदर छुपे हुए हैं।इन दागों को हजार बार धोने से भी साफ नहीं…
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साहित्य
विजय दिवस।
वर्ष 1999 के मई माह में पाकिस्तान ने कारगिल में ऊंची पहाड़ियों पर अपने सैनिक बैठा दिए थे। वह ऊपर…
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साहित्य
मित्रता
ऐ दोस्त , तुझसे ही मेरा आशियाना आबाद है , मेरे दोस्त तेरी यादों के आने से तेरे हि सपनें…
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साहित्य
खुलकर हँस लेने से
खुलकर हँस लेने सेदर्द कुछ हल्के हो जाते हैं,और खुलकर रो लेने से वे लगभग समाप्त हो जाते हैं। किन्तु…
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साहित्य
एक और शाम……बिहार काव्य गोष्ठी की समीक्षा जौनपुर से
आज की काव्य संध्या की विशेषता यह रही कि मंच की अन्य इकाइयों की तरह कविताएं मात्र बरसात और मेघो…
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साहित्य
गजल
तुम फिर आ गई मेरी शायरी में… क्या करूँ,न मुझसे शायरी दूर जाती है, न शायरी से तुम।हर ग़ज़ल की…
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