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विश्वास
मानव-चेतना में संवेदना, साहस, विश्वास और वृत्ति वे चार मूल शक्तियाँ हैं जो मनुष्य के विचारों, व्यवहार और निर्णय-प्रक्रिया को…
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कल्प कथा मंजूषा मंच पर रजत रश्मियों सी सजीं मधु वशिष्ठ की कथाएं।
संवेदना और अनुभव शब्दों का आकार लेकर कहानी बन जाते हैं। – चन्द्रप्रकाश गुप्त चन्द्र बुंदेला प्रभु श्री राधा गोपीनाथ…
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साधन पाद सूत्र– ४
अविद्या क्षेत्रमूत्तरेषां प्रसुप्ततनु विच्छिन्नोदाराणाम् । अविद्या= अविद्या है; क्षेत्रम्= कारण; उत्तरेषाम्= जिसका वर्णन {तीसरे सूत्र में} अविद्या के बाद किया…
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साधन पाद सूत्र– ३
अविद्यास्मितारागद्वेषाभिनिवेशा: क्लेशा: । अविद्यास्मिताराग द्वेषाभिनिवेशा:= अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष और अभिनिवेश {ये पाँचों}; क्लेशा:= क्लेश हैं ।अनुवाद– अविद्या, अस्मिता, राग,…
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तीसरी परछाई का प्रगट होना
( गाँव का सबसे गहरा, सामूहिक पाप ) गुलनारी की परछाई जैसे ही हवा में घुली,रात अचानक और भारी हो…
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दूसरी परछाई का उदय
धरमवीर की परछाईहवा में घुलकर जैसे गायब हुई,पर उसके जाते हीरात का सन्नाटा और भारी हो गया।लोगों ने सोचा—शायद अब…
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आज का दर्द
आज हर इंसान तनिकडरा हुआ सा रहता है,लगता है हर समयकोई निगरानी करता है।मोबाइल में ऑनलाइनखरीददारी में डर लगता है।किसी…
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पापा की परी।।
पलकों पे रखा एक सपना सजाकर,जहाँ को दिखाना है बेटी को आईएएस बनाकर।मेरे विश्वास की आखरी उम्मीद है बेटी,अपनी मम्मी…
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पुस्तक समीक्षा – कोमल भावों की सरस सरिता – काव्य-संग्रह प्रणय धारा
श्रीमती शोभा शर्मा जी का काव्य-संग्रह ‘प्रणय धारा’ प्रेम, समर्पण, विरह, वेदना और मानवीय संवेदनाओं का ऐसा सुरम्य प्रवाह है,…
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पंचतत्त्व में बसे भगवान
धरती जैसी मजबूती हो, मन में शांति रहे,नम्र बने व्यवहार हमारा, किसी से बैर न रहे।हर दर्द को मुस्कान बना…
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