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  • जन्मदात्री की ममता

    जन्मदात्री की ममता से जीवन महक उठता है,उसके आँचल में हर दुख चुपचाप सिमटता है। त्याग, तपस्या, प्रेम की वह…

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  • माँ

    माँ में अलग ही हौसला औशक्ति समाई होती हैउसके मन में नहीं कोईडर की परछाई होती हैउसे अपने बच्चें मेंगुणों…

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  • मां की लिखावट

    माँ के लिए क्या लिखूँ मैं,माँ की ही तो लिखावट हूँ मैं।उसकी दुआओँ की स्याही से,सजी हुई एक इबारत हूँ…

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  • मम्मी अब माँ हो गई

    मेरी मम्मी जिसे अब मैं माँ कहने लगी हूं,पता नहीं क्यों पर कहने लगी हूं,शायद अब वो श्रृंगार नहीं करती…

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  • माँ

    अस्पताल के प्रसूति कक्ष से पिछले 2 घंटे से बस नैना की दर्द भरी चीखे सुनाई दे रही थी ,…

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  • माँ

    शीर्षक : कितने रूप तेरे गिनाऊॅंविधा : पद्य कितने रूप तेरे माॅं गिनाऊॅं ,हर रूप में तुझे ही मैं पाऊॅं…

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  • प्रथम करूं माँ तेरी पूजा

    मां के लिए मै क्या लिख सकता,मैं मां की ही लिखावट हूँ।तुझसे ही अस्तित्व जुड़ा माँ,तेरी हूबहू बनावट हूँ।। धरनि…

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  • माँ

    मैं अच्छी हूँ या बुरी हूँ माँ,ये तो बस आप ही जानती हो,मेरी हर खामोशी के पीछेछुपी पीड़ा पहचानती हो।…

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  • कौशल्या नंदन

    विधा : कविताहे कौशल्या नंदन ,है तेरा अभिनंदन ,तेरे कोमल चरणों ,है सादर तुझे वंदन ।हे कौशल्या नंदन ,हे दशरथ…

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  • पौत्र

    विधा : पद्य दादा का प्यारा ,दादी का दुलारा ,पापा का सहारा ,मम्मी का तारा ।मम्मी की म्याऊॅं ,पापा का…

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