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क्या तुम सच में इंसान थे?
एक ही अंबर, यहाँ एक ही धरती,एक ही सूरज, यहाँ एक ही जीवन।एक ही चंदा, यहाँ एक ही प्रकृति,प्यास बुझाता…
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अमूर्त प्रेम-संवाद(राधे – कृष्ण)
वृत्त-पथ पर नील-कमल के, छाया आलोकिक छंद,मधुर-मिलन का मूक विमर्श, गगन में गुंजित आनंद। कण-कण में जो प्राण-रसिकता, वायु-तरंगित वेणु-विलास,चित्रित…
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भारतीय समाचार माध्यमों की विवशता व बदलता आचरण
आज सुबह सुबह की सैर के पश्चात,दैनिक हिंदी समाचार पत्र पढ़ने लगा,अट्ठाईस पृष्ठ इस दैनिक पत्र में थे,विज्ञापन देखकर कुछ…
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तुम्हें सब याद करते हैं
तुम्हें सब याद करते हैं—मैं और मेरा प्यार,मेरी यादें, तेरी बातें,और मेरे घर का हर कोना-कोना। पलंग, कुर्सी, टेबल, डाइनिंग,किचन…
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डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’ को टीजीटी शक्ति, विजय अलंकरण सेसम्मानित।
लखनऊ निवासी प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक एवं सेना से सेवानिवृत डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’ को टीजीटी शक्ति,…
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“सत्य ही ईश्वर है”- गाँधी जी के जीवन का मूल दर्शन
महात्मा गांधी जी, जिन्हें हम प्यार से बापू भी कहते हैं, आधुनिक भारत के महान नेता और स्वतंत्रता संग्राम के…
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विजयदशमी
कैसे कह दें तुम्हे विदा?? साल गए तुम आई हो मां कैसे कह दें तुम्हें विदा?? नौ दिन का नौ…
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ऑंगन
दिवा : शुक्रवारआधुनिक जमाने का घर देखो ,जहाॅं ऑंगन नहीं तो द्वार कहाॅं ।इस बढ़ती मंहगाई के जमाने में ,किसी…
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जब माता पिता नहीं रह जाते हैं
किसी की अकस्मात मृत्युबहुत ही पीड़ादायक होती है,एक पुत्र माता पिता के न रहजाने पर उनको कैसे खोजता है,उसकी मन:स्थिति…
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विजयादशमी
असत्य के महल भले ही, हों ऊँचे आकाश समान,सत्य की नींव अडिग रहती, पाता है वह सदा सम्मान।रावण का दंभ…
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