Uncategorized
-
तेरे धर्म का मर्म -२
व्यर्थ है श्रम तेरा !वक्त पर न कोई काम आया ।क्या कभी किसी ने ये श्रम का मूल्य चुकाया ?किस…
Read More » -
तेरे धर्म का मर्म –१
कुछ लोग पैदा होते हैं —कुछ कर गुजरने के लिएवो कुछ करते ही रहते हैं —मौत आने तलक ।अफ़सोस तो…
Read More » -
व्यर्थ है श्रम तेरा !
वक्त पर न कोई काम आया ।क्या कभी किसी ने ये श्रम का मूल्य चुकाया ?किस चक्कर में–तूं ने यह…
Read More » -
कुछ लोग पैदा होते हैं
कुछ लोग पैदा होते हैं —कुछ कर गुजरने के लिएवो कुछ करते ही रहते हैं —मौत आने तलक ।अफ़सोस तो…
Read More » -
सुपर से ऊपर हो गया जबलपुर में 24 जनवरी को आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
प्रयोजन :- कविवर आज़ाद वतन वर्मा के काव्य संग्रह ‘फूल से भारत में’ का विमोचन.संचालन/संयोजन :- श्री विनोद नयन जी…
Read More » -
वीर शहीदों का प्रतीक तू
हे ! तिरंगा तुझे सलाम है,,तीन रंगों का दर्पण तुझमें,,त्याग,तपस्या और वीरता,,भारत माता का रखवाला,,वीर शहीदों का प्रतीक तू।। हर भारत…
Read More » -
ग़ज़ल-
हमारी शान है उतनी हमारे आशियानों में।वतन का नाम है जितना जहाँ के आसमानों में। लगा दें जान की बाज़ी…
Read More » -
गणतंत्र दिवस
बड़ा पावन पर्व है यह ..देश ने निज संविधान अपनाया।26 जनवरी 1950 की तारीख कोभारत पूर्ण गणतंत्र बन पाया। है,…
Read More » -
लहरे तिरंगा
आसमान में तिरंगा लहरे ,घाव किसी के होते गहरे ।पढ़ाता नासमझी पहाड़ा ,स्वयं पढ़ जाता ककहरे ।।खड़ा नहीं जो तिरंगा…
Read More » -
गणतंत्र दिवस मनाने केबाद
जिन भावों को धर कर मन में, उत्सव ख़ूब मनाया हैजिन भावों को राष्ट्रगान में, मिलकर हमने गाया हैजिन भावों…
Read More »








