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  • तंमंजये

    अध्याय – 3वन की पहली परीक्षा मुनिवर की आज्ञा के अनुसार तंमंजये उसी कुटिया में रहकर उनके अधूरे कार्य को…

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  • शहर की रात और डर

    चाँद मेरे दिल की सरहद पर रोज़ आकर चला जाता है,जैसे कोई ख़्वाब आँखों को छूकर खो जाता है। तारे…

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  • “नारी का स्थान”

    ​हर कदम पर एक नया इतिहास लिखती है,वो अंधेरों में भी रोशन आस लिखती है। ​कभी ममता की मूरत, कभी…

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  • प्यासी

    कविता प्यासी धरती नभ निहारे, कब बरसेगी धार।सूखे पत्ते डोलते, जैसे दुखी विचार। नदियाँ बैठी मौन सी, थम गई उनकी…

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  • बोलो मां

    प्रभु ने गर भेजा है मुझको, अस्तित्व मिटा सकता है कौन?मैं ना रहूं तो दुनिया ना हो,बस, मानो सत्य रहो…

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  • लड़की समझ डराओ मत

    लड़की समझ डराओ मत,ना छेड़ो, ना सताओ उसे।मासूम सी है ,यूँ खौफ मत दिखाओ उसे।खिलता हुआ सा फूल है वो,ज़रा…

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  • बस ,एक,,, हरकत ।। श्रृंगार रस

    बस,आपकी मासूमियत को देख,बस, प्यार आता है मुझे ।2आपकी मासूम अदा को देख,बस ,प्यार आता है मुझे,,,,2 आपका यूं देखना,और…

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  • अतिथि सत्कार

    पराए व्यक्तियों को नमन करोऔर प्रेम से बातचीत करोउनकी बातों पर ध्यान करोरिश्तेदार की तरह पूजा करोअतिथि को सत्कार श्रेष्ठ…

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  • नारित्व संघर्ष और सम्मान

    काव्य : जीवन में होता है इनका अस्तित्व , समाज के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण नारीत्व। जब जब होता नारियों…

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  • युद्धों का पैशाचिक दौर

    चारों और पैशाचिक युद्धों का ही दौर हैकारण जबर्दस्त मानवीय महत्वकान्क्षाओं का जोर है इन्सान अब इन्सान नही स्वघोषित भगवान…

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