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  • जिंदगी जीना सरल नहीं

    आज भाग दौड़ की जिंदगी में जीना सरल नहींबिना संघर्ष किए कुछ भी हासिल होता नहींजिंदगी सरल बनाने के लिए…

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  • लिव -इन रिलेशनशिप क्या है?

    लिव -इन रिलेशनशिप क्या है?इससे न‌ई पीढ़ी को कैसे बचा सकते हैं? लिव -इन रिलेशनशिप एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें…

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  • दो साल हो गए, पिताजी…

    दो साल हो गए, पिताजी,हमें अकेला छोड़कर गए हुए,पर सच तो यह है कि उस दिन,हम भी पहले जैसे अब…

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  • किसी ने पूछा कैसे लिख लेते हो

    हमने कहा,, लिखने के लिये बार बार मरना पड़ता हैतन्हाई का एतबार करना पड़ता हैभावनाओं के समंदर मे डूबना उतरना…

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  • आंसू और खामोशी

    जीवन सुख दुख से भर पड़ा इससे  सम्मुख करता हर दिनकुछ समय जीवन हंसता रहताऔर कुछ समय रोना पड़ जाताइसे मेरी…

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  • आज की पीढ़ी के सपने

    शहर की जगमगाहट हो या गाँव की शांत पगडंडी,सपनों के आड़े अब आती नहीं कोई तंग पगडंडी।खड़े हैं ये तैयार,…

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  • हाँ, मुझे प्रेम है,

    हाँ, मुझे प्रेम है,अपने वतन से,जहाँ रहता हूँ ,अफने बदन से, जो मेरे पास है,अपने माँ से जिसने जन्म दिया…

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  • उच्छल-तरंग

    कर्मठता पूर्ण श्रम, भाग्य चले निभे कर्म।कर्मफल मिले न मिले भूल न स्व धर्म। अनादि-अनंत जग रचे जीवात्मा है अंश।ये…

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  • मोक्ष के पथिक – उत्सव और उन्नति

    सामाजिक पुनर्निर्माणगाँव अब केवल भय और संघर्ष से मुक्त नहीं था,बल्कि सामाजिक रूप से भी सुदृढ़ हो गया था।गाँववालों ने…

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  • गाँव की सुबह

    पूरब से झाँके लालिमा हल्की,ओस में भीगी धरती मुस्काए,टन-टन करती बैलों की घंटी,जैसे भोर स्वयं गुनगुनाए। पेड़ों पर बैठी चिड़ियाँ…

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