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हरितालिका तीज (सुहागन)
कर सोलह श्रृंगार सुहागनचाल चले मतवारी।हरी हरी चूड़ियां पहने हाथों मेंझूमे हरितालिका तीज पर सब नारी। कुमकुम माथे पर औरमांग…
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समाधि पाद
सूत्र— ५ वृत्तय: पंचतय्यः क्लिष्टाऽक्लिष्टा: । {उपर्युक्त} क्लिष्टाऽक्लिष्टा:=क्लिष्ट और अक्लिष्ट {भेदोंवाली}; वृत्तयः= वृत्तियाँ; पञ्चतय्यः= पांच प्रकार की {होती हैं} ।…
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“कल्पकथा काव्यगोष्ठी” के नवीन शिल्पकार बनेराष्ट्रीय कवि नीरज कुमार “नीर”
उच्चस्तरीय हास्य और श्रृंगार सृजन की साक्षी बनी ,24 अगस्त दिन रविवार को कल्पकथा परिवार द्वारा आयोजित साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी…
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दर्शन
भगवत पूजन तुम करो ,तुम्हारी पूजन मैं करूॅं ।भगवत दर्शन हो तुम्हें ,तुम्हारा दर्शन मैं करूॅं ।।तुम जाओ नित्य मंदिर…
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मनपसंद कार्य न हो तो क्या क्रोध करना जायज है?
(स्वरचित गद्य आलेख) 1. प्रस्तावनामनुष्य का जीवन इच्छाओं और कर्मों की जटिल डोर से बुना हुआ है। हर व्यक्ति चाहता…
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अकार
(स्वरचित कविता) अक्षरों में प्रथम, स्वर का आधार,सृष्टि में गूँजा है, यह अकार अपार।शब्दों का बीज, ध्वनि का श्रृंगार,ज्ञान की…
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हरितालिका व्रत का महात्म्य
भारतीय हिंदू महिलाएं अपने सुहाग की कामना के लिए हरितालिका तीज का व्रत रखती हैं। हर वर्ष हरितालिका तीज का…
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कहूं, या ना कहूं
दिल की बातें, दिल में रह गई अरसा बीता।आज सोचती हूं, कहूं, या ना कहूं—संग तुम्हारे बीते पलों कोसहेज कर,छुपा…
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श्री जन कल्याणेश्वर मंदिर में श्री गायत्री महायज्ञ
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गों देवस्य धीमहि धियो योन: प्रचोदयात। कल रविवार दिनांक 24 अगस्त 2025 को श्री जन कल्याणेश्वर…
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विरह
(शिकायत राधा की)मैं साथ खड़ी थी तुम्हारेपर तुमने देखा ही नहींअपने भक्तों की भीड़ मेंमेरे पवित्र स्नेह कोतुमने पहचाना ही…
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