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  • (बेटी) तुम्हारे लिए

    किन शब्दों को पिरोऊं कविता में !तुमसे मेरे जीवन में आई बहार है।सूना था मेरा आंचल और आंगन !तुम्हारे आने…

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  • सदैव साथ है

    आशुतोष प्रभु जी अन्तर्यामीसुनो हमारी करूण कहानीमै तो मुर्ख , अजड़ अज्ञानीकरता जाने कितनी नादानी दुष्ट से दुष्ट जो शरण…

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  • तू कौन है, भोले?

    नगर-नगर, डगर-डगर तू क्यों ऐसे फिरता है?बनके अजनबी, अपने ही घर में क्यों रहता है?तुझे कहूँ मुसाफ़िर या कोई घुसपैठिया,क्यों…

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  • स्नेह सुधा बरसाने वाली

    मनका मंदिर है खाली,दिल का सिंहासन भी खाली !तरुणी कहाँ छुपी जा बैठी,स्नेह सुधा बरसाने वाली !! मन को तुम…

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  • सत्य ही शिव है, शिव ही सुंदर है।

    जीवन सीमित,आकांक्षाएं,इच्छाएं सीमाहीन।इस बीच जीवन जीना औरचाहना नित् नवीन।इच्छापूर्ति हेतु आपाधापी,उलझन का गरल पान,राग द्वेष,अशांति, हैमनुष्य सत्य से अनजान।कुछ अशांति…

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  • मोबाइल: जरूरत या अभिशाप?

    (स्वरचित आलेख) आज के तकनीकी युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। यह एक…

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  • मनमौजी मौसम

    ना तेज़ हवा, ना रुत जवाँ,ये वक़्त की अल्हड़पंती है। ना फूल खिला, ना बाग सजा,ये सावन की मटरगश्ती है।…

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  • क्या विना यज्ञ जनेऊ {उप’वीत} धारण किये हम ब्राह्मण हैं ?

    ।। क्या विना यज्ञ जनेऊ {उप’वीत} धारण किये हम ब्राह्मण हैं ? ?? ??? ।। सदोपवीतिना भाव्यं सदा बद्धशिखेन च…

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  • लेख

    ।। ऋषियों की प्रेरणा से हमसभी आध्यात्मिक साधना से स्वयं ऊर्जावान हों, समाज को ऊर्जावान बनाएं कल्याण करें ।। जिस…

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  • मित्रता दिवस

    आज मित्रता दिवस पर्व है,प्यारे बच्चों! आओ पास।जीवन में जो बहुत जरुरी,तुम्हें बताऊँ बेहद खास।। अभी से जानो, छोटे हो…

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