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  • (no title)

    वो अनजानी सी लड़की, अनजान ही रह गई,बनी नुमाइश की सी, सामान ही रह गई।। परोसा उसे लहजे से,बता आज़ादी…

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  • भगवान की मूर्ति है

    जीवनपुरम् प्रदेश के मानवगढ़ जिले के श्वसनपुर ग्राम के आस्था नामक गली में हृदयपुरम् मंदिर में आत्मेश्वर भगवान की मूर्ति…

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  • मोरपंख, रंग और बाँसुरी

    बिखरा हुआ गुलाल ओर चहुँ,नारंगी अरु पीला है।संग में नारंगी केशर का,रुप ये सुरुचि रंगीला है।। मोरपंख, मुरली हैं संग…

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  • सुहानी सुबह

                            सुबह है तो प्रकाश का अवतरण है,   वर्ना छाया अंधकार का आवरण है।     सुबह है तो सृष्टि का जागरण है,सुबह है…

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  • समाजरक्षण

    (स्वरचित आलेख) प्रस्तावनासमाज एक जीवंत, गतिशील और परस्पर जुड़ी हुई संरचना है, जिसका वास्तविक स्वरूप केवल इमारतों, सड़कों या संस्थानों…

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  • शिवजी

    मंगलमय वनचारी शिवजी,महादेव संसारी शिवजी।(स्वरचित रचना) मंगलमय वनचारी शिवजी,बैरागी, त्रिपुंडधारी शिवजी। महादेव संसारी शिवजी,सती-पार्वती के प्यारे शिवजी। गले में सर्पों…

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  • ईर्ष्या , द्वेष , डाह जलन

    दिनांक : 22 जुलाई , 2025दिवा : मंगलवारईर्ष्या द्वेष डाह जलन है पीड़ा ,सीधे तन को बनाता है अपंग ।निज…

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  • कहानी: कुलरक्षण

    “कुलरक्षण” का अर्थ सिर्फ अपने वंश या परिवार की रक्षा करना नहीं है, बल्कि उन अच्छे विचारों, संस्कारों और सिद्धांतों…

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  • लेख

                       इस दृश्यमान जगत में प्रत्येक दृश्य और अदृश्य वस्तु, स्थिति और परिस्थिति तटस्थ है। पदार्थ परस्पर संयुक्त होते हुए…

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  • प्रारब्ध और पुरुषार्थ का रहस्य

    कितने ही मनुष्य प्रारब्ध यानि भाग्य को प्रधान बताते हैं और कितने ही पुरुषार्थ को। वास्तव में अपने-अपने स्थान में…

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