Uncategorized

  • कोई और है

    उथल पुथलइतनी हो रही हैंकैसा चल रहा दौर है।मैं हूँ सामने बैठा मगरदिख रहा कोई और है।।महंगाई की इस मार…

    Read More »
  • दोहा छंद लेखन

    1. बूंद-बूंदबूंद-बूंद से घट भरे, साजे प्रेम विचार। मन मंदिर में जगमगे, सत्य ज्योति अपार॥ 2. नभ अंचलनभ अंचल जब देखता,…

    Read More »
  • गायत्री माँ की महिमा

    ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गो,देवस्य धीमहि, धियो योन: प्रचोदयात। जयति जय गायत्री माता,जयति जय गायत्री माता,आदि शक्ति तुम अलख-निरंजनि जग…

    Read More »
  • अधूरा और अमर प्रेम

    प्रेम तो शायद अधूरा ही रहने के लिए शापित होता है। हमारा गौरवशाली इतिहास भरा पड़ा है आधे अधूरे प्यार…

    Read More »
  • भावपल्लवन

    श्लोक:- अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥”— महोपनिषद्, अध्याय 6, श्लोक 71–73 अर्थात, यह मेरा है और…

    Read More »
  • नव दुल्हन सी सज गई

    नव दुल्हन सी सज गई   धरती माता आज।।  आया मौसम खुशी का,    क्या है इसका राज।।—————‐——————- हरियाली की ओढ चुनरिया…

    Read More »
  • हेडफोन

    ये एक बहुत खूबसूरत सुबह की शुरुआत थी। रात की बारिश के बाद मौसम बहुत सुहावना लग रहा था। आस…

    Read More »
  • सेवा और सत्य का दीप —डॉ जी विजय कुमार जी

    वाणी में मधुरता, मन में उजास है,सेवा का पथ इनका जीवन-विलास है।हर दिल से जुड़ते हैं सच्चे प्रेम से,मिलनसारता इनकी…

    Read More »
  • महाशिवरात्रि

    (श्रद्धा, भक्ति और शिवत्व से ओतप्रोत) साँझ ढले जब दीप जले, मंदिर में गूँजे तान,भोलेनाथ का नाम लेकर जागे जन-जन…

    Read More »
  • ग़ज़ल

    ग़ैर को अपना बना कर देखिये।बात इतनी आज़माकर देखिये। दूर के अहसास में रक्खा है क्या,हर नज़ारा पास जाकर देखिये।…

    Read More »