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  • मुझे नही सोना है

    अब ,मुझे नही सोना हैसिर्फ और सिर्फ जागते रहना हैसोने से बहुत डर लगता हैसपने मे खोये लोग आता हैनींद…

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  • जेठ की गर्मी: दुपहरी का लू

    आया जेठ का महीना,आग बरसाता सूरज,धरती तवे-सी तप रही,साँसें भी हैं अब बोझ।दुपहरी होते गलियाँसब सन्नाटे में डूबें,छाया भी माँगे…

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  • खामोश दिल की आवाज

    खामोश हूँ तो इसका मतलब ये नहीं,की मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं।कुछ जख्म ऐसे भी होते हैँ,जो शब्दो…

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  • गुरु जौहरी प्रभु अपना हीरा

    विधा:कविता प्रभु अपना हीरा गुरू जौहरी ने खोज दिया।प्रभु अपना चंदन गुरू ने जल में घोल दिया। गुरू की कृपा…

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  • नामकरण संस्कार का महत्व

    यह समस्त चराचर जगत् नामरूपात्मक है । संसार में जितने भी प्राणी तथा वस्तुएँ हैं, सबका कोई-न-कोई रूप है और…

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  • पर्यावरण

    आओ मिलकर करे संकल्पपर्यावरण के लिए करो प्रकल्पनीर हो निर्मलसमीर हो उज्जवलजब होगा पर्यावरण सबलहर प्राणी की होगी सुरक्षास्वस्थ जीवन…

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  • प्रकृति का प्रश्न

    नदियाँ भी अब प्यास से मरने लगी हैं,पर्वतें भीतर ही भीतर आग उगलने लगी हैं।धरती की चीखें अब सुनाई देने…

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  • कभी-कभी सोचता हूँ

    भगवान ने मुझे धरती पर क्यों भेजाइस नकारे अधम अशिष्ट अवशिष्टतन को क्यों अब तक सहेजाअनपढ़ अशिष्ट अज्ञानी मूर्ख पर…

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  • विश्व पर्यावरण दिवस

    पाँच जून का पावन अवसर, देता हमको यह संदेश।धरती माँ का मान बढ़ाएँ, रखें सदा उसका परिवेश। स्वच्छ वायु और…

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  • धूप का टुकड़ा

    कहानी- पुराने मकान के उस छोटे-से आँगन में हर सुबह धूप का एक छोटा-सा टुकड़ा उतरता था। वह न बहुत…

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