Uncategorized
-
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी – एक प्रचारक, सहृदयी मनुष्य, संवेदनशील राजनेता और करुणामय प्रधानमंत्री “जहाँ सब खाते हैं,…
Read More » -
साधन पाद सूत्र– ५
अनित्यशुचिदुःखानात्मसु नित्यशुचिसुखात्मख्यातिरविद्या । अनित्याशुचिदुःखनाथात्मसु= अनित्य, अपवित्र, दुःख और अनात्मा में; नित्यशुचिसुखात्मख्याति:= नित्य, पवित्र, सुख और आत्मभाव की अनुभूति; अविद्या= ‘अविद्या’…
Read More » -
स्नेह वार्ता
मैं और मेरे बच्चे,हाँ जी ! मैं और मेरे बच्चे।क्या? आपके भी हैं बच्चे,कितने बच्चे जरा बताये ।।जरा बताये कितने…
Read More » -
मोक्ष के पथिकबंद दरवाज़े का नाम
पुराने, सुनसान मकान का दरवाज़ाअचानक जिस गड़गड़ाहट से खुला थाउसने पूरे गाँव की रीढ़ मेंडर की बर्फ़ सी बिछा दी।वह…
Read More » -
इश्क़ का जवाब
इश्क़ ने इश्क़ से, इश्क़ में कहा,मैं इश्क़ हूँ — तेरे इश्क़ में मुझे क्या मिला?बस दर्द की राहें, तन्हाइयों…
Read More » -
वक्त निकालना है
परिवर्तनशील समय बहुत कुछ दिखाता है, स्वयं बदलता है और हमें बहुत कुछ सिखाता है। जो मंजर कल था, वो…
Read More » -
प्रेम समर्पण समझ न पाया
बालपन खेलते खेलते बिताया ,किशोरावस्था में नादानी छाया ।युवा लैला मजनूॅं मन में आया ,प्रेम समर्पण समझ न पाया है…
Read More » -
जिंदगी का सार बस प्यार है
सृष्टि ने किया यह स्वीकार है ,जिंदगी का सार बस प्यार है ।बिन प्यार जीवन यह कचड़ा ,प्यार का दुश्मन…
Read More » -
बच्चो की दुनिया।।
बच्चों की दुनिया निराली है,जहाँ से नहीं उन्हें लेना देना।नित खाते पीते उछलते कूदते,वो रहते अपनी मौज मस्ती में है।।…
Read More » -
लौटती हुई रातों के चेहरे
सुरंग में गंगा के सामने खड़ी वह परछाईंधीरे-धीरे धुँध में बदलने लगी—जैसे उसका अस्तित्वसिर्फ एक चेतावनी देने आया हो।गंगाराम ने…
Read More »








