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  • इत्तेफाक से

    आज इत्तेफ़ाक़ से जब वहसामने आए,हृदय स्पंदित हुआ, कदम कुछलड़खड़ाए।। लव थरथराए, नेत्र भी सजलहो गए,गिले–शिकवे भूल दोनोंन जाने कहाँ…

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  • पुरुषोत्तम रघुनंदनम्

    पुरुषोत्तम रघुनंदनम्, दशरथ–सुकुमार।कौशल्या–नयनानंद, कैकेयी के प्राण॥ लक्ष्मण-प्रिय आराध्य वे, हनुमत के धनराम।केवट-तरनहार प्रभु, भक्ति-सुधा-अभिराम॥ सीता संग अरण्य-गमन, वन-वन धर्म निदान।अडिग…

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  • मोक्ष के पथिक परछाइयों की रात

    कबूलनामे की रात के बाद गाँव पर एक गहरी चुप्पी छा गई थी।हरिचरण की स्वीकारोक्ति जैसे किसी पुराने कुएँ की…

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  • अनमोल दोस्ती

    दोस्ती का दीप जले तो मन में उजियारा भर जाए।सुख-दुख की राहों में आकर साथीपना संग लाए। दिल में अपनापन…

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  • “ये हवाएं”

    ये हवाएं इंद्रधनुषी सी!न जाने कितने रंग लेकर आती हैं।कभी बहा ले जाती गम सारेखुशियां झोली भरकर दे जाती हैं…

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  • भारत की नारी

    भारत की नारी प्रेम की धारा,ममता जिसकी प्राणों से प्यारी।संस्कारों की वह है रखवाली,धरती पर ईश्वर की लाली। कभी माँ…

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  • गिनती की है सांसे अपनी,इन सांसों का खेल निराला।

    सोचा इस जग में आकर, है अद्भुत दुनिया खेल निराला, अलग-अलग सब लोग हैँ यहां, है सबका अलग-अलग खेला। वास…

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  • समय चलायमान है।

    समय चलायमान है।स्वभाव है उसका अनवरत चलना।तब होता है स्थितियों का बदलना, परिवर्तन होता है, दिशा कौन तय करता है…

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  • गिनती की है सांसे अपनी,इन सांसों का खेल निराला।

    सोचा इस जग में आकर, है अद्भुत दुनिया खेल निराला, अलग-अलग सब लोग हैँ यहां, है सबका अलग-अलग खेला। वास…

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  • मनपसंद

    आज के भौतिकतावादी समय में प्रत्येक मानव की पसंद अलग-अलग है। इसी ‘मनपसंद’ विषय पर मैं आज अपनी भावनाएँ कविता…

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