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समाधि पाद – सूत्र- २योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः
चित्त की वृत्तियों का निरोध {सर्वथा रुक जाना} योगः= योग है ।अनुवाद— चित्त की वृत्तियों का सर्वथा रुक जाना {निरोध}…
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संकेत साहित्य मंच में गंगांजलि साझा काव्य संग्रह का लोकार्पण
बिलासपुर - संकेत साहित्य संस्था बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा दिनांक 06.02.2026 को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में…
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देश के सपूतों की कुर्बानी को भूल गए हम – कवि संगम त्रिपाठी
हमें स्वतंत्रता मिली है उसकी कहानी पढ़ो तो आंख में आंसू आ जाते है। आज हम आजादी के दीवानों के…
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विदाई गीत
चले हो छोड़कर गलियाँ, पुरानी याद ले जाना,दुआएं हम गुरुओं की तुम, अपने साथ ले जाना। तुम्हारे शोर से रोशन,…
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जीवन की रफ्तार
घड़ी की सुइयां भाग रही हैं, थमता नहीं है शोर,कल की चिंता खींच रही है, अपनी-अपनी ओर। दौड़ रही है…
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इंतजार की रजिस्ट्री
खुदा की मंज़ूरी का एक सिरा अभी बाकी था,कि समय के साथ दुआओं का संचार होने लगा।‘फिर मिलेंगे कभी’— बस…
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सरदारों की गुप्त सभा और पहली धमकी
मिहिर की रात पहले भी कई बार डरावनी रही थी,पर आज की रात—अँधेरा कुछ और ही कह रहा था।जैसे हवा…
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जिंदादिली
उत्साह हीन नरसपन में भी न सुख पावेउत्साह ही जीवटता जिंदगी कीयौवन में ही खो देंजो खो दे उत्साह–जिंदगी बन…
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सवर्गुण सम्पन्न
सर्वगुण संपन्न नहीं है कोई,गुण अवगुण तो सब में होई। माने सब स्वयं को सबसे श्रेष्ठ,कोई अनुज है तो कोई…
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लता ताई
विधा-काव्य जाना तो नियत है हर एक का इस संसार मे पर कोयल का चहचहाना थम जायेगा ना सोचा था…
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