Vijay Kumar
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साहित्य
कविता
बदलती जीवन शैली आज समय आया बेढंगा,आज आदमी बना लफंगा मोबाइल से सब संबंध घटा दिया। करतुतों ने कमाल कर…
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साहित्य
कल्प प्रगीत आनंद – कृति मंथन मंच पर स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु गुप्त को किया गया नमन
पुस्तक चर्चा विशेष कार्यक्रम में रजनी कटारे हेम, जितेंद्र शास्त्री सम्मानित प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से…
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साहित्य
रूह से देखा
खुद को काबिल कभी नहीं देखाऔर किसी को कातिल कभी नहीं देखामैंने देखे हैं उसके घाव,उसके कंधे का तिल नहीं…
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साहित्य
हे जगदम्ब भवानी
आलोकित हो तम मय पथ यह,करो कृपा महरानी !दूर करो दुर्गुण सब मेरे ,हे जगदंब भवानी !! लगा हुआ लव…
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साहित्य
शिव की आराधना
शिव की आराधना करें, हर पल श्रद्धा साथ।भोले बाबा थाम लें, जीवन की हर पाथ॥ डमरू की मधुर ध्वनि से,…
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साहित्य
वक्त कारसाज है
वक्त कारसाज है ;निशब्द सी आवाज है!तुम शय किसी फेहरिस्त मे; यह दर्द का इक ख़्वाब है।। जो आज किसी…
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साहित्य
क्या खोया क्या पाया हमने,
क्या खोया, क्या पाया हमने,किसका इस मन में मनन करें|आने वाले समय का हम यारों ,दिल से हम सब अभिनंदन…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
एक बात बोलूं बाबू,जितना हो सके उतना समय आप किताबों में बिताया करों क्योंकि किताबों के साथ बिताया गया समय…
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साहित्य
धर्म रक्षेयते
एक मित्र पिसवा के आटा घर लें जा रहा था । जहां उन्होंने घर बसाया था,, और मैं आटे को…
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साहित्य
सबके हिस्से मे हे अपने २ नसीब के आंसू
सबके हिस्से मे हे अपने २ नसीब के आंसू !रुला देते हे हमे प्यार से करीब के आंसू !अमीरो कि…
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