Vijay Kumar
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साहित्य
नये नये प्रश्न खड़े हो जाते हैं
स्वयं से प्रश्न करोगे तो सारेप्रश्नों के उत्तर मिल जाते हैं,यदि औरों से प्रश्न क़रोगे तोनये नये प्रश्न खड़े हो…
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साहित्य
विश्व परिवार दिवस
विश्वपरिवार दिवस की संकल्पना,वसुधैव कुटुम्बकम का मूल सिद्धांतकि संपूर्ण मानवता एक परिवार है,यह सिद्धांत कितनी बड़ी विडम्बना है। हर व्यक्ति…
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साहित्य
गीत
मम्मी पापा,, प्यार से देखें मम्मी पापा, प्यार से देखेंबेटा बेटी मौज करें,,,।2वो भी क्या घर है, जिसमेंबाकी सब आनंद…
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साहित्य
रिश्तों की साझेदारी संग परिवार
हर रिश्तों में हो साझेदारी |यह होती सबकी जिम्मेदारी |तभी मजबूत रहती परिवार की दीवारें सारी |पति-पत्नी के बीच कुछ…
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साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय विश्व परिवार दिवस
“मन की बात कह देने से फैसले हो जाते हैं,मन में रखने से फासले हो जाते हैं…” परिवार…सिर्फ एक शब्द…
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साहित्य
बाँसुरी: सांसों का संगीत, मौन की भाषा
डाक्टर दीपक गोस्वामीमानवीय व्यवहार वैज्ञानिक बाँसुरी सिर्फ बांस का एक टुकड़ा नहीं। वो सात सुरों में बंधी एक पूरी कायनात…
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साहित्य
छत्रपति शंभा जी महाराज जयंती, एवं स्वामी अनंतनाथ जन्म तप कल्याणक को समर्पित रहा कल्प भेंटवार्ता मंच।
भोपाल की युवा साहित्यकार कु अनिशा जैन कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा…
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साहित्य
एक साल तक नहीं सोना
राकेश आनन्दकर देश के प्रधानमंत्री का राष्ट्रीय संदेशहमने घर की गृह मंत्री को सुनाया । सोना नहीं खरीदना है एक…
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साहित्य
राधा-कृष्ण
(छंद मुक्त काव्य) बंशी की मधुर तान में, ब्रज का राग समाया,श्याम अधरों की मुस्कान में, प्रेम स्वयं इठलाया।राधा की…
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साहित्य
गांव
गांव गांव रहा,ममता का बस छांव रहा।घर चबूतरे दिखते अब खाली,शोर, खेलकुद की आवाजे गूंजती।पेड़ों की छांव में बैठने वाले…
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