Vijay Kumar
-
साहित्य
तलाश अपनों की
दुनियां की भीड़ में रहती हूं पर अकेली हूंकहने को तो सारे रिश्ते हैं पर मैं अकेली हूंतलाश है मुझे…
Read More » -
साहित्य
शहर में आया एक लड़का
शहर में आया एक लड़काछोटे से घर का एक लड़का,आँखों में बड़े सपने लेकर आया था,माँ की दुआएँ पोटली में…
Read More » -
साहित्य
(no title)
विषय सच की पतवार सारी धरा पर सच के रिश्ते,चलते हैं सदा हंसते-हंसते,पार करें सच की पतवार। देख चहुंओर झूठ…
Read More » -
साहित्य
जीवन या संताप
विधा – काव्य दुनियाँ में पाप पुण्य की क्या गवाही होगर जब जग उद्धारक प्रभु श्री कृष्ण की भी ना…
Read More » -
साहित्य
जैसा बोओगे वैसा ही पाओगे
आंखों में रील बोओगे तोध्यान कहाॅं से लाओगे ?मन में महाभारत बोओगे तोमन में महावीर कहाॅं से लाओगे ?दृष्टि जैसी…
Read More » -
साहित्य
गज़ल
तेरे हसीन चेहरे पर,मुझे अब एतबार नहीं रहा , तेरे मासुम दिल में,मेरे लिए अब वो प्यार ही नहीं रहा,…
Read More » -
साहित्य
राष्ट्रकवि दिनकर — कलम जिनकी सदा जय बोले
गीत मुखड़ाकलम जिनकी सदा जय बोले,शब्दों में अंगार जले।राष्ट्रधर्म की राह दिखाकर,सोए मन में दीप जले। माटी की पीड़ा को…
Read More » -
साहित्य
प्रकृति पुँज
प्रकृति पुँज इंसान वो जीते जी मर जाते हैं,जब कभी माँगने जाते हैं,जो देने लायक़ हैं,ना कर देते हैं,उनसे पहले…
Read More » -
साहित्य
हिन्दी भाषा के सम्मान में महिला काव्य-मंच, धनबाद की काव्य-गोष्ठी संपन्न:
हिन्दी भाषा के सम्मान में महिला काव्य-मंच, धनबाद की काव्य-गोष्ठी संपन्न:धनबाद। हिन्दी भाषा के सम्मान, संवर्धन एवं साहित्यिक चेतना को…
Read More » -
साहित्य
गन्नु भैया का संदेश
आज सपने में कोई मेरे आ गया।बहुत बड़ी बात आकर समझा गया।कहने लगा वह मुझसे।मुझे सब बहुत तकलीफ पहुंचाते हैं।बड़े-बड़े…
Read More »







