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काव्यअल्हड़ सा प्रेम
अनगिनत सवालों के साथ वो नजरों का टकराना , अल्हड़ सा प्रेम था ,या था कोई अफसाना ।। वो अल्हड़…
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मुस्कान भी जरूरी है
भोर के आगमन केसाथ नई उमंगों का हीयमें प्रस्थान भी जरूरी है।रात्रि यदि बीती पलके भीगाने मेंतो प्रातः अधरों परमुस्कान…
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परिवार की चिंता
परिवार सबके जीवन की शान,परिवार से मिलता सबको मान। सबकी हिम्मत परिवार ही होता,बिन परिवार के सब कुछ खोता। मानुष…
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मैं राख हूँ — खाक तो नहीं!
तुम कहते हो — मैं राख हूँ,हाँ, मैं राख हूँ…खाक तो नहीं! माथे पर लग जाऊँ तो तिलक,भोले पर चढ़…
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जीवन में बैलेंस किधर है
सच , जीवन के आपाधापी की दौड़ मेंबैलेंस किधर हैसभी दौड़ लगा रहे इधर-उधर हैंजीवन के इस खेल में संतुलन…
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष
शीर्षक– बेटी बेटा से प्रिय होतीजब जन्म लिया बेटी नेदिल तो खटका होता।काश! एक बेटा आता तोइक चिराग तो जलता ।।…
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लिखूँ भी तो क्या खास लिखूँ
लिखूँ भी तो क्या खास लिखूँकौनसी ऐसी बात लिखूँआता नहीं मुझे कुछ लिखनाहाँ,तुझको जिंदगी की सौगात लिखूँ l जब भी देखती…
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मैं जानती हूँ
मैं जानती हूँ तुम मेरा हाथ कभी नहीं छोड़कर जाओगेतुम अपनी जान से ज्यादा मुझे चाहते रहोगे ll वो तुम…
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कविता
तुम प्रेम पाश मे बांध जो लो,मैं अविरल सा पंछी बन गाऊँ,तुम पान करो इन अधरों का,मैं प्रेम सुधा रस…
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फासले
कुदरत का ऐसा फैसला हुआ ,धरती अंबर का न मसला रहा ।मिट गईं दोनों के बीच दूरियाॅं ,धरती अंबर में…
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