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  • संत गुरु गोविंद सिंह

    गुरु गोविंद सिंह के अनमोल उपदेश“सवा लाख से एक लड़ाऊंचिड़ियों सों मैं बाज तुड़ाऊंतबै गुरु गोविंद सिंह नाम कहाऊं”“जब आप…

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  • मौन मैत्री करुणा स्व’भाव

    मौन अनंत की भाषा है । मौन ही सर्वोत्तम जप है ।। मौन संसार के रहस्यों को उजागर करता है…

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  • ज्ञान का स्रोत है आकाश

    !! मन की चंचलता को निर्मल करने करें चंद्रमा के दर्शन !! आज आश्विन मास की पूर्णिमा है ।। स्नान…

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  • मेरी माँ

    ​अश्रु की बूंद नहीं, जीवन का सार है,गोद जिसकी स्वर्ग है, पहला संसार है।। ​निश्छल प्रेम की वह मूरत प्यारी,हर…

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  • पैसे की बात!

    दो पैसे के लिए लोग बिक जाते हैं,अपनों को भी ठगकर टिक जाते हैं। सच बोलना अब घाटे का सौदा…

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  • अंतहीन(कहानी)

    पुराने समय की बात है। एक छोटे से गाँव में हरिदास नाम का कुम्हार रहता था। उसकी हथेलियाँ जीवन भर…

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  • तप

    पुराने समय की बात है। सतयुग का समय था, जब राजाओं के भीतर भी ब्रह्मतेज की चाह जाग उठती थी।…

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  • सेवा और त्याग की सार्थकता

    “सच्ची और सम्मान के लिए पैसे की नहींबल्कि सेवा और त्याग की जरूरत होती है”सेवा और त्याग, मनुष्य जीवन का…

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  • माँ का आंचल

    माँ का साथ छुट हि गया।।।।भगवान हमसे रूठ ही गया।। माँ के आंचल से दूर हुए।।माँ के शोक में भाव…

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  • शीत ऋतु के स्वागत

    रचनाकार – हरनारायण कुर्रे, मुड़पार चु,पो.रसौटा, तहसील पामगढ़, जिला जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) श्रेणी – काव्य शीत ऋतु आई है द्वार…

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