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  • प्रियतम घर आ

    काले काले बादल आओ,झम-झम पानी बरसाओ।सूर्य ताप से मन व्याकुल है,और अधिक मत तरसाओ।आकर किधर लुप्त हो जाते ,धरती है…

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  • जिंदगी जीने की कला है

    सच, जिंदगी जीने की बेशक कला हैसादगी और अनुशासन ही जीने की कला हैजीवन बड़ा अमूल्य है इसका सही प्रबंधन…

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  • जानकी अष्टकम।।

    शुक्ल पक्ष के वैशाख महीने,नौमी तिथि जब थी तब आई,प्रकट भई थी,जनक दुलारी, पुष्य नक्षत्र मंगल दिन भाई ,छत्तीस के…

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  • केनोपनिषद्- द्वितीय खंड श्लोक ५

    सम्बन्ध– अब उस ब्रह्म तत्वको इसी जन्म में जान लेना अत्यंत आवश्यक है, यह बतलाकर इस प्रकरण का उपसंहार किया…

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  • गुप्त नवरात्री की दसवीं महाविद्या माँ कमला

    माँ कमला दस महा विद्याओं मेंसबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं,माँ कमला को शक्ति के प्रथम अवतार के रूप में आदिशक्ति…

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  • मैं चूहों की दौड़ में अब शामिल नहीं हूँ

    सबकी प्रशंसा उदारता से करता हूँ,यह न केवल तारीफ प्राप्तकर्ता कीमनोदशा को प्रोत्साहित करता है,मेरी मनोदशा को भी ऊर्जा देता…

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  • “स्वामी की ज्योति”

    स्वप्नों को जिसने दी उड़ान,जग को सिखाया आत्मसम्मान।धर्म, विज्ञान, विवेक का गान,थे वो भारत की सच्ची शान। शब्दों में जिनकी…

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  • रफ्ता रफ्ता

    रफ्ता रफ्ता,ज़िंदगी को मुफ़्त मे खुरचता गया,मुलाज़मियत कैसी थी कि,सख्ती से कुचलता गया।। पता तक न चला,कि वक्त किधर गुजर…

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  • गजल

    साथ में थे हम सभी खुशहाल ये परिवार था,महफिल सजी रह गई रौनक बिना संसार था। जिंदगी कब तक हमारी…

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  • संयम

    संयम की राह पर चलना,जीवन को सँवारने का तरीका है।आत्म-नियंत्रण की शक्ति से,हम अपने लक्ष्यों को पा सकते हैं। अपने…

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