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अनुराग से वैराग तक
हम वैरागी उद्गम का जल पीने वाले,अर्थों का अनुसंधान हमें क्या बतलाओगे? नेह लता पर लिपटी होगी प्रीत तुम्हारी,कोमलांगी के…
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भारतीय सनातन और अद्वैत दर्शन
भारतीय सनातन दर्शन केवल किसी धार्मिक आदेश या विश्वास प्रणाली का नाम नहीं, बल्कि अस्तित्व के सत्य, चेतना के स्वरूप…
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समाधि पाद सूत्र– ४३
स्मृतिपरिशुद्धौ स्वरूपशून्येवाऽर्थमात्रनिर्भाशा निर्वितर्का । स्मृतिपरिशुद्धौ= {शब्द और प्रतीति की} स्मृति के भली भाँति लुप्त हो जाने पर; स्वरूपशून्या= अपने स्वरूप…
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छूट रहा है बचपन
ना जाने इस जीवन की आपाधापी में,कब वह बचपन तुमसे रूठ गया। पढ़ाई, कैरियर, सपनों की इस चाहत में,न जाने…
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नन्हे सपनों के रक्षक
जो कल के सपनों के रक्षक हैं,आज मासूमियत में रमे हुए। राह दिखाना हमारा फ़र्ज़ है,क्योंकि कदम उनके अभी थमे…
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बाल दिवस विशेष
बच्चों की दुनिया सुखद सरलकभी शांत कभी होतीचंचल ,बच्चों की दुनिया सुखद सरल,हँसी मीठी उनकी, करती विह्वल ।। मन उनका…
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बिरसा मुंडा जयंती
धरती आबा बिरसा मुंडा,वीर सपूत थे न्यारे।जल,जंगल,ज़मीन के खातिर,प्राण दिए थे सारे।। उलीहातू की पावन माटी में,पंद्रह नवंबर को जन्म…
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तारों की ख्वाहिश
अब रहने दे मुझे आज़माना,वक़्त ने क्या सितम कम किए हैं?तुम भी चले आए करने पंचनामाअब कहने दे मुझेतेरे कर्मों…
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करुणामयी प्रकृति
करुणामयी प्रकृतितेरे तन को, तेरे मन को,सींचे देकर शक्ति,अपनी माँ से कम भी नहीं है,करुणामयी प्रकृति। प्रातः काल ये हमें…
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दीपक
रही भावना यही कभी मैं,दीपक जैसा चमकूँ ।कभी कहीं फिर मेघ घटा बीच,सरिस दामिनी दमकूँ ।। कतरा कतरा जल कर…
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