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बचपन प्यारा मधुर मधुर
बचपन प्यारा मधुर मधुरअलबेला मतवाला सान किसी बात की चिंता मन मेंमासूम सा निराला साबचपन प्यारा मधुर मधुरअलबेला मतवाला सा…
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बाल दिवस — बचपन से आत्मबोध तक
(1)बचपन खुशियों में डूबा था, हर पल जैसे त्योहार था,मिट्टी, कंचे, खिलौनों में मेरा जीवन कितना सरल था।यह मानव जीवन…
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बाल दिवस
आ जाओ मेरे प्यारे बच्चे ,मन के भोले मन के सच्चे ।तुम्हीं हो भारत के भविष्य ,मिलने आए तेरे प्यारे…
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बाल दिवस — नन्हे सपनों का उजला भविष्य
पद 1 बचपन नन्ही-सी कली है, हँसी जैसी मधुमास, मन जैसे निर्मल झरना, सपनों का उजला आकाश। कोमल पंखों-सा जीवन,…
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बाल दिवस विशेष
शीर्षक– भारत के वीर तुम हो नन्हे बालकतुम भारत के वीर होअपने हाथों से लिखोगेभारत की तकदीर होतुम्हीं रचोगे इतिहासइस…
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ठंड का मौसम
रचना- लो आई ठंडरचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) शास. उच्च. माध्य. विधालय बकोडी, ब्लॉक कुरई जिला सिवनी म. प्र. वर्षा…
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अंतर्मन का युद्ध
नाकामयाब हूँ मैं, व्यर्थ समझता हूँ खुदको, दुनिया के ताने सुन–सुन रोता हूँ खुदको। उस बंद कमरे की बातें मैं…
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भ्रम से मुक्ति
चल-अचल सब पल में छीना,भ्रमित मन भ्रम में ही जीना।सकल चराचर जग का धन था,जग ने ही वापस ले लीना॥…
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नियम ,दंड और छूट
जीवन एक सफ़र,नियम इसकी राहें,तोड़ोगे जो राहें,मिलेगा दंड भरोगे आहें! पर क्षमा भी है साथी,देती छूट की आस,ये तीन धागे…
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वृक्ष कर्तन
शीर्षक : मत काट रे मानव मुझेमत काट रे तू मानव मुझे ,सच कहे सब दानव तुझे ।अपनी कोई परवाह…
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