Vijay Kumar
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साहित्य
जीवन में बढ़ती उम्र के बदलाव
अपने जीवन की अब सत्तर की उम्रपारकर पछत्तर की ओर जा रहा हूँ,जीवन में बदलाव महसूस कर रहा हूँ,अंतर्मन से…
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साहित्य
मर्यादा किसी खेत की चिड़िया का नाम नहीं है
ऐसे ही राम मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं कहलाते । बचपन से ही जिनका जीवन मर्यादा की झलक रहा था , मर्यादित…
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साहित्य
ब्रज की रज
विधा : शब्द-सीढ़ीप्रदत्त शब्द : नन्दलाल, मुकुट, सखियाँ, पायल, गगन “नन्दलाल” मुरली बजा, हर लेते सब पीर।ब्रज की रज पावन…
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साहित्य
वक़्त ही जवाब देता है
बात जब दिल से निकलती है,बहुत दूर तलक जाती है।जो जलते हैं मेरी शख़्सियत से,उनके सीने में चुभ जाती है।…
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साहित्य
युद्ध की कीमत
युद्ध का ऐलान हुआ तो शंख बजे थे,सिंहासन पर बैठे राजा मुस्कुराए थे।पर सरहद पर माँ ने बेटे को तिलक…
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साहित्य
खोई हुई रवानी
एक कहानी लिखना चाहता हूँ,इस शहर की बदलती निशानी लिखना चाहता हूँ। जहाँ प्यास से तड़पकर मर गए दो परिंदे,मैं…
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साहित्य
आखिर क्यों?
पिछले तीन-चार दिनों से एक समाचार बार-बार मन को विचलित कर रहा है। एक ही प्रश्न बार-बार मन में उठता…
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साहित्य
ज़रा परदा हटा दे श्याम
ज़रा परदा हटा दे श्याम, तेरा दीदार हो जाए,मेरे सूने पड़े दिल में, खुशी की बहार हो जाए॥ तेरी यादों…
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साहित्य
अनोखा जीवन
कुछ ऐसे बंधन होते हैं, जो बिन बांधे बंध जाते हैंमिलते ऐसे लोग जो अपनों से बढकर बन जाते हैंपूर्व…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।
कुछ पल का यह जीवन है यहाँ हर मौसम एक सीजन है। जीना है तो एक साथ में जियो अकेले…
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