Vijay Kumar
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साहित्य
शिक्षक ज्ञान, चरित्र और लोक मंगल के कर्मों से प्रकट होने वाला आदर्श है।
भगवानदास शर्मा “प्रशांत”शिक्षक सह साहित्यकार शिक्षक अपने श्रेष्ठ कर्मों से इस आदर्श का प्रतिनिधित्व कर सकता है।” गुरु का आशय…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद मुक्तक
रिद्धि-सिद्धि के स्वामी बनकर,सुख सम्पदा लुटाते हो।दुर्वा मोदक तुमको चढ़ता, ज्ञान सुधा बरसाते हो।शिव नंदन गौरी के लाला, अनुपम रूप…
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साहित्य
मेरे सपनों का स्कूल
नन्हे पाँवों की धमक, गूँजे गलियारों में,हँसी-खुशी का आलम, सपनों के संसारों में। कक्षा ऐसी सजीव, जहाँ किताबें गाएँ,हर बच्चे…
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साहित्य
कान्हा ये तो बता दो
कब कैसे और कहाँ मिलोगे,कन्हा येतो बता दो!बहुत हुई ये लुका-छिपी अब,मुझे न ऐसी सजा दो!! नहीं मिले तुम वृंदावन…
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साहित्य
चलो बादलों संग चलते है
चलो बादलों संग चलते हैं,हवा में ज़मीन की खुशबू से कुछ बातें करते हैं।भीगी-भीगी राहों पर नंगे पाँव चलें,मिट्टी की…
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साहित्य
World of Chemistry Group प्रस्तुत करता है – HomeLab Eco-Friendly Bio-Plastic project
सुशी सक्सेना World of Chemistry group द्वारा एक होमलैब एक्सपेरिमेंट प्रोजेक्ट पर प्रयोग किया गया । World of Chemistry Group…
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साहित्य
मेरे राधा कृष्ण
इन अखियों में राधाकृष्ण बसे हैकोई अन्य कहाँ से आए समाईजब से जन्म लिया इस जग मेंलक्ष्मी नारायण रूप में…
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साहित्य
ग़ज़ल
मुझसे उसका नाम बड़ा है।मुझको इससे लेना क्या है। जीत हमेशा होगी उसकी,अफ़वाहों से कौन डरा है। वो कैसे बिल्ली…
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साहित्य
नक़ाब के पीछे
चेहरे पर नक़ाब आज भी रहते हैं उनके,और हम समझते रहे कि चाँद-सा मुखड़ा होगा। हक़ीक़त से रूबरू हुए तो…
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साहित्य
प्राकृतिक आपदा
प्राकृतिक आपदा भी मानों कलियुग का कहर है,प्रकृति से छेड़खानी भी हमारे लिये जहर है।कटते हुए पेड़ पौधे भी हमसे…
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