Vijay Kumar
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साहित्य
ज़मीं और आसमान
इस जहाँ में दो तरह के लोग नज़र आते हैं,कुछ ज़मीं पर हैं, कुछ ज़मीं पर भी कहाँ रहते हैं।…
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साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस
खेल जीवन में हैं जरूरी,इनसे होती हर ख्वाहिश पूरी। स्वस्थ तन और स्वस्थ मन हैं पाते,जीवन में नए लक्ष्य हैं…
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साहित्य
प्रवृत्तियाँ या विकार
मानव जीवन की समस्या है कि जिनप्रवृत्तियों को हम विकार मान लेते हैं,और निंदा करते हैं वे प्रवृत्तियाँ जीवनजीने के…
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साहित्य
कर्मयोग की ज्योति
कर्म ही मानव की सच्ची पहचान बनाता है।गीता का अमृत संदेश यही जग को समझाता है। फल की चिंता त्याग…
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साहित्य
झालमूड़ी का महात्म्य व्यंग
डाक्टर दीपक गोस्वामीमानवीय व्यवहार वैज्ञानिकआप देश के चर्चित लेखक,मोटिवेशनल स्पीकर, ट्रेनर,सामाजिक कार्यकर्ता है। सुनो मित्रो, सुनो। यह कथा उस दिव्य…
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साहित्य
कविता- प्रलयाग्नि
कैसी आग बरसती है ये,किसने ताण्डव मचा दिया है।सूरज आग उगलता भारी,या फिर जला दिया है। जिसने बैचेनी सी भर…
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साहित्य
गौतम बुद्ध (बाल काव्य)
आओ बच्चों तुम्हें बताऊं छोटी -सी ये बातगौतम बुद्ध,एक नाम है महानसत्य की राह दिखाने वालेज्ञान की ज्योति जलाने वालेअहिंसा…
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साहित्य
एक प्यारा उपहार
गूँजी किलकारी आँगन में, आया वो अनमोल पल।बुआ ने गोदी में लिया, आँखें हुई सजल ॥ लेकर काजल की डिबिया,…
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साहित्य
जख्मों की जागीर
हालात ने बहुत बार तोड़ा मुझे,लेकिन हर बार मैंने खुद को संभाला है।आँखों में आँसू भी आए कई दफा,फिर भी…
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साहित्य
घनाक्षरी छंद: नेत्रदान महादान
नेत्र दान, महा दान,है मानवता का मान।किसी को दे नेत्रदान,पुण्य तो कमाइए।। रंग दुनियाँ के देखें,आशा की किरण देके।सदाचारी मानव…
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