Vijay Kumar
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साहित्य
संस्मरण: पावस ऋतु में प्रकृति और त्योहार
संस्मरण: पावस ऋतु में प्रकृति और त्योहारमेरे गाँव की यादें पावस ऋतु जब मेरे गांव जैंती की धरती पर अपनी…
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साहित्य
संरक्षणचतुष्टय
(आत्मरक्षण, कुलरक्षण, समाजरक्षण, समिष्टिरक्षण) संरक्षण का प्रथम चरण, आत्मबोध का मूल।जो निज को पहचाने, वह सहे सदा अमूल॥विवेक-ज्योति जगे जब,…
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धर्म
सामयिक चर्चा
{इस लेख में— श्रद्धा भक्ति के साथ गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की चर्चा} दुख में सुमिरन सब करे सुख…
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साहित्य
राष्ट्रीय कवि नीरज चौधरी “नीर” ने किया
(राष्ट्रीय कवि नीरज चौधरी “नीर” ने किया मान सरोवर साहित्य समिति द्वारा आयोजित चंद्र शेखर आजाद की जयंती के अवसर…
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साहित्य
कोई और है
उथल पुथलइतनी हो रही हैंकैसा चल रहा दौर है।मैं हूँ सामने बैठा मगरदिख रहा कोई और है।।महंगाई की इस मार…
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साहित्य
दोहा छंद लेखन
1. बूंद-बूंदबूंद-बूंद से घट भरे, साजे प्रेम विचार।मन मंदिर में जगमगे, सत्य ज्योति अपार॥ 2. नभ अंचलनभ अंचल जब देखता,…
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साहित्य
गायत्री माँ की महिमा
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गो,देवस्य धीमहि, धियो योन: प्रचोदयात। जयति जय गायत्री माता,जयति जय गायत्री माता,आदि शक्ति तुम अलख-निरंजनि जग…
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साहित्य
अधूरा और अमर प्रेम
प्रेम तो शायद अधूरा ही रहने के लिए शापित होता है। हमारा गौरवशाली इतिहास भरा पड़ा है आधे अधूरे प्यार…
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साहित्य
भावपल्लवन
श्लोक:- अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥”— महोपनिषद्, अध्याय 6, श्लोक 71–73 अर्थात, यह मेरा है और…
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साहित्य
नव दुल्हन सी सज गई
नव दुल्हन सी सज गई धरती माता आज।। आया मौसम खुशी का, क्या है इसका राज।।—————‐——————- हरियाली की ओढ चुनरिया…
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