Vijay Kumar
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साहित्य
हेडफोन
ये एक बहुत खूबसूरत सुबह की शुरुआत थी। रात की बारिश के बाद मौसम बहुत सुहावना लग रहा था। आस…
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साहित्य
सेवा और सत्य का दीप —डॉ जी विजय कुमार जी
वाणी में मधुरता, मन में उजास है,सेवा का पथ इनका जीवन-विलास है।हर दिल से जुड़ते हैं सच्चे प्रेम से,मिलनसारता इनकी…
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साहित्य
महाशिवरात्रि
(श्रद्धा, भक्ति और शिवत्व से ओतप्रोत) साँझ ढले जब दीप जले, मंदिर में गूँजे तान,भोलेनाथ का नाम लेकर जागे जन-जन…
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साहित्य
ग़ज़ल
ग़ैर को अपना बना कर देखिये।बात इतनी आज़माकर देखिये। दूर के अहसास में रक्खा है क्या,हर नज़ारा पास जाकर देखिये।…
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साहित्य
(no title)
वो अनजानी सी लड़की, अनजान ही रह गई,बनी नुमाइश की सी, सामान ही रह गई।। परोसा उसे लहजे से,बता आज़ादी…
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साहित्य
भगवान की मूर्ति है
जीवनपुरम् प्रदेश के मानवगढ़ जिले के श्वसनपुर ग्राम के आस्था नामक गली में हृदयपुरम् मंदिर में आत्मेश्वर भगवान की मूर्ति…
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साहित्य
मोरपंख, रंग और बाँसुरी
बिखरा हुआ गुलाल ओर चहुँ,नारंगी अरु पीला है।संग में नारंगी केशर का,रुप ये सुरुचि रंगीला है।। मोरपंख, मुरली हैं संग…
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साहित्य
सुहानी सुबह
सुबह है तो प्रकाश का अवतरण है, वर्ना छाया अंधकार का आवरण है। सुबह है तो सृष्टि का जागरण है,सुबह है…
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साहित्य
समाजरक्षण
(स्वरचित आलेख) प्रस्तावनासमाज एक जीवंत, गतिशील और परस्पर जुड़ी हुई संरचना है, जिसका वास्तविक स्वरूप केवल इमारतों, सड़कों या संस्थानों…
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साहित्य
शिवजी
मंगलमय वनचारी शिवजी,महादेव संसारी शिवजी।(स्वरचित रचना) मंगलमय वनचारी शिवजी,बैरागी, त्रिपुंडधारी शिवजी। महादेव संसारी शिवजी,सती-पार्वती के प्यारे शिवजी। गले में सर्पों…
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