Vijay Kumar
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साहित्य
गजल
काफिया —-ऊल की बंदिश रदीफ—- पाओगे। बहर— 1222—1222—1222—1222=28 नज़र में प्रेम रखकर तुम हृदय से फूल पाओगे,मिटाकर द्वेष मन से…
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साहित्य
शामें ढलने लगी पर तुम्हें
शामें ढलने लगी पर तुम्हेंकुछ ख़बर नहींचर्चा हुईं तमाम पर तुम्हें कुछ ख़बर नही लग गईं बाज़ार में रिश्तों की…
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साहित्य
उम्र
सौंदर्य झरता रहाउम्र ठहरी नहीं ..ज़िंदगी पैरों मेंकील सी चुभती रही … एक अरसा दुःख सुख में ख़ुशी ढूंढ़ते ही…
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साहित्य
कल्पकथा सम्मान समारोह अगस्त २०२६ में विजय रघुनाथराव डांगे को कल्प शिल्प विभूषण एवं शोभा प्रसाद को कल्प सृजन कौशल सम्राट सम्मान
जहाँ साधना का सम्मान होता है, वहीं सृजन की नई पीढ़ी को दिशा मिलती है कल्पकथा इसी संकल्प का साहित्यिक…
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साहित्य
हिंदी साहित्य के सजग शिल्पी : आचार्य शिवपूजन सहाय
जयंती विशेष हिंदी साहित्य की विकास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जिनका योगदान केवल अपनी रचनाओं तक सीमित नहीं रहा,…
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साहित्य
सनातन और योग
सनातन एक धर्म नहीं अपितु एक जीवन जीने की सभ्यता संस्कृति विधा है जिसमें एक काल था जब पूरा संसार…
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साहित्य
रवीन्द्रनाथ ठाकुर : युगद्रष्टा रचनाकार
रवीन्द्रनाथ ठाकुर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के ऐसे युगद्रष्टा रचनाकार थे, जिन्होंने शब्दों को संवेदना, विचार और…
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साहित्य
आदिवासी—माटी की आवाज़
माटी की ख़ुशबू में जिनका,सदियों से संसार बसा,जंगल जिनका अपना आँगन,नदियों में जिनका प्यार बसा। धरती माँ की गोद सँभाली,प्रकृति…
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साहित्य
कविता
कल किसी नये मेहमान से मुलाकात हो गई, दो पलों में हि दिल की बात हो गई, कुछ उसने सुनाई…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद मुक्तक
नैतिकता की परिभाषाएंँ, जग में सबकी अपनी-अपनी।कर्मों का फल सबको मिलता,जैसी जिसकी होती करनी।निश्छल भावों से जो रहता,भोले उस पर…
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