Vijay Kumar
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साहित्य
बेटियाँ अब मेडल जीत लाती हैं
हराकर दर्द के लम्हे, हँसी पल जीत लाती हैं बेटियां,कभी उलझे हुए प्रश्नों के हल भी कर लाती हैं बेटियां।अब…
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साहित्य
भारतरत्न रवींद्र नाथ टैगोर
“जन गण मन” सिर्फ गान नहीं,यह देश की अमर रवानी है।भारत माता के यश गौरव की,अनुपम ही एक कहानी है।…
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साहित्य
प्रश्न…
यह तिमिर गहरा घना ..क्या जीत पायेगा इसेजलता हुआ नन्हा दिया ? दर्प के आकाश परबैठा हुआ यह अंध है…
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साहित्य
हर रिटायर्ड इंसान की ज़िंदगीमें तीन स्टेज होते हैं।
वे हैं… स्टेज (1) – उम्र 58 से 64स्टेज (2) – उम्र 65 से 71स्टेज (3) – उम्र 72 से…
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साहित्य
ग़ज़ल
पहली बार गज़ल पर एक गज़ल लिख रहा हूँगुस्ताखी माफ हो पर कर रहा हूँनज़रे उठती नही गर नज़रें मिलती…
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साहित्य
शब्द शक्ति की महिमा अपार है
शब्द शब्द मिल शक्तिवान है,शब्द शब्द से साहित्य लिखा जाता है,शब्द साहित्य से साहित्यकार,लेखक और कवि बनता है।साहित्य संस्कार देता…
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साहित्य
अपने तो अपने होते है
अपने तो अपने होते हैं ,उसे पराये,हम क्यो समझते है?सुख दुख की हरेक घड़ी मे,अपने ही तो,पास आते है ।…
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साहित्य
शिव की महिमा
विषय- महीना शिव काविधा- कविता आज नहीं तो कल बनेंगे,मेरे बिगड़े काम lशिव शंकर पे मुझे विश्वास है,भोलेनाथ सुनते मन…
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साहित्य
कविता
कविता बेवजह उलझीं उलझीं सी रहे तो उम्र, हंसने हंसाने में कट जाऐं तो जिंदगी, उदास हो कर काटते रहो…
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साहित्य
मैं तिलक हूं
मैं माथे का तिलक हूँ, पायल नहीं हूँ मैं,दिल पे चोट है मगर, बेहाल नहीं हूँ मैं।माँ-पापा के संस्कार, पहचान…
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