Vijay Kumar
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साहित्य
मुंशी प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद 1.मुंशी प्रेमचंद जिनका बचपन का नाम धनपतराय श्रीवास्तव था, उन रचनाकार की अद्भुत कहानी हम सुनाते हैं l2.31…
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साहित्य
क्रान्तिकारी सत्येंद्रनाथ बोस जयंती को समर्पित रहा कल्प भेंटवार्ता मंच
नागौद सतना की वरिष्ठ साहित्यकार सराेज सिंह परिहार सूरज भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
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साहित्य
प्रेम विवाह, बालिग बेटियाँ और माता-पिता के अधिकार : बदलते समाज में संतुलन की आवश्यकता
हाल ही में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में हुई विचित्र घटना ने मेरे अंतर्मन को झकझोर दिया। जहां माता…
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साहित्य
मै मुसाफिर तेरे उर का
मैं मुसाफिर तेरे उर कारोक ना राह मेरा,मुझे सफर कामंजिल तक हर हाल मे पहुँचना है ,तेरे मन मंदीर मे,अब…
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साहित्य
कविता
मौन इसलिएमुस्कान लिए खड़ा है, मुस्कुराहट,, किसी और के हक का किरदार बन कर रह गई है, मुखोटेमुंह से असली…
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साहित्य
बलिदान
भारतवर्ष का वासी हूॅं मैं ,भारतवर्ष का संस्कार है ।सनातनी संत वंशज हूॅं ,हर धर्मों से हमें प्यार है ।।सनातनी…
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साहित्य
समय (कहानी)
दिल्ली शहर की ऊँची इमारतों के बीच रहने वाला अभिषेक एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत था। सुबह से देर रात…
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साहित्य
मित्रता : सीमाओं से परे एक पावन बंधन
मित्रता वह अनमोल एहसास है,जो जीवन की हर ऋतु मेंआशा, विश्वास और अपनत्व के फूल खिलाता है।यह केवल एक रिश्ता…
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साहित्य
सावन
काले काले बदल छा जाते हैंसहसा वातावरण बदल जाते हैंठंडी हवा धीरे धीरे से फैलते हैंपेड़ और पौधों झूम झूम…
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साहित्य
कविता
कोई तो हो जो याद करें, मेरे लिए रब से फ़रियाद करें, मुझे चाहने वाले हैं हजारों यहां, इस भ्रम…
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