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वक्त निकालना है
परिवर्तनशील समय बहुत कुछ दिखाता है, स्वयं बदलता है और हमें बहुत कुछ सिखाता है। जो मंजर कल था, वो…
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प्रेम समर्पण समझ न पाया
बालपन खेलते खेलते बिताया ,किशोरावस्था में नादानी छाया ।युवा लैला मजनूॅं मन में आया ,प्रेम समर्पण समझ न पाया है…
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जिंदगी का सार बस प्यार है
सृष्टि ने किया यह स्वीकार है ,जिंदगी का सार बस प्यार है ।बिन प्यार जीवन यह कचड़ा ,प्यार का दुश्मन…
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बच्चो की दुनिया।।
बच्चों की दुनिया निराली है,जहाँ से नहीं उन्हें लेना देना।नित खाते पीते उछलते कूदते,वो रहते अपनी मौज मस्ती में है।।…
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लौटती हुई रातों के चेहरे
सुरंग में गंगा के सामने खड़ी वह परछाईंधीरे-धीरे धुँध में बदलने लगी—जैसे उसका अस्तित्वसिर्फ एक चेतावनी देने आया हो।गंगाराम ने…
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सफलता का मार्ग संघर्ष की सीढ़ियों से होकर आगे बढ़ता है – कल्पकथा परिवार
डॉ वनीता चोपड़ा कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य…
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कुछ वक्त निकालना है।
भागती हुई जिन्दगी से कुछ वक्त निकालना है,थाम कर खुद को कुछ ठहराव लाना है,धुंधली हुई जो आँखें छवि तेरी…
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सहारनपुर के सुनील कुमार “खुराना” गांधी शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित
सामाजिक एकता मंच और उड़ान संस्था के संयुक्त संरक्षण में राष्ट्रीय एकता संवाद एवं राष्ट्र सेवा सम्मान समारोह 2025 मेरठ…
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चाँद और आसमान
चाँद चाँद है, मगर उसका आसमान कहाँ है,रोशन तो है रात, पर तेरी पहचान कहाँ है।हवा भी तेज़ है, मगर…
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शौर्य
विषय – राजभोजविधा- कविता हे राजभोज,कुल शिरोमणि हो आप हमारे।तुम्हारी जय-जयकार हो,हम नित समय तुम्हें पुकारे।। तुम्हारे दरबार में ,नित…
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