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सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह संपन्न – कवि संगम त्रिपाठी
जबलपुर - सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिक कार्यक्रम बड़ी दिव्यता-भव्यता के साथ कला वीथिका में हर्ष व उल्लास के साथ…
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मन की उलझन से तेरी ग़ज़ल तक
आज मन ने कहा कुछ लिखूं,पर ठहरा कलम, कि क्या लिखूं।शब्द खड़े थे खामोश से,सोचूं किस पर, और क्यों लिखूं।…
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हनुमान
हिंदू धर्म केशक्तिमान होता हैहनुमान जी। राम परमभक्त है हनुमानवे शक्तिमान। सीता राम केसेवक बनता हैहनुमान जी। शक्ति धैर्य केप्रत्यक्ष…
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कुदरत
शायर करता है तारीफ हुस्न की… माशूक ने कर दी तारीफ माशूका की… न आने कितनों ने की तारीफ किसी…
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पैसा, वक्त, संस्कार और परिवार
पैसा और वक्त दोनों ही मूल्यवान हैं,जीवन में दोनों की बड़ी अहमियत है,दोनों में फ़र्क़ बस इतना होता है किहमारे…
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प्रेम विरह
कृष्ण का मथुरा जाना साँझ ढली जब वृंदावन में, रोया कुंज-कछार,मथुरा जाने लगे कन्हैया, सूना हुआ द्वार। मुरली की वह…
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दिलदार होना चाहिए
दिल लगा जिस दिल से, वो दिलदार होना चाहिए।आंखों में हो हया,और वफादार होना चाहिए।। चाँद सूरज हो ना हो,…
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गीत सृजन
मुखड़ाऐ माँ तेरी सूरत से अलग,भगवान की सूरत क्या होगी जब भी मन पर घोर अँधेरा,तू दीपक बन जल जाती…
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प्रेम एक साधना है।।
मन में हो चाहत उनके प्रति,लेवे हिलोरे प्यार की भावना।ईश्वर की होती यूं आराधना है,यह प्रेम एक सच्ची साधना है।।…
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