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माटी के मया, संस्कृति के राग
छत्तीसगढ़ी में सांस्कृतिक सौंदर्य और प्रकृति के संगम पर आधारित है।। छत्तीसगढ़ मोर, माटी के सुगंध बासे,संस्कृति के रंग, हिरदे…
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चलो गाओ री सखी
चलो गाओ री सखी,महादेवी की कहानी,फर्रुखाबाद में जन्मी,दुःखों की चिर-रागिनी। उन्नीस सौ सात का,वो शुभ दिन आया,हेमरानी और गोविंद ने,बेटिया…
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अद्वितीय धनतेरस
यह धनतेरस अद्वितीय है,न सोना ,चाँदी लाना है,जीवन में जो असली ‘धन’ है,बस उसको ही पाना है। यह धनतेरस ‘स्व’…
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युद्ध-सा चल रहा है मन में
युद्ध-सा चल रहा है मन में,जैसे आसमान बिखर रहा हो आसमान में।न जाने, मैं जीतूंगा या हारूंगा —ख़ुद से, हौसलों…
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सबके अपने-अपने राम,
सरयू तट पर बसी अयोध्या किसी के बसते “राम” वहां।कोई दशरथ पुत्र है कहता,कृपालु भज मन कहे जहां। किसी के…
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परमेश्वर
परमाज्ञानी, परम यशस्वी,परम पुनीत परम बलशाली।जिसके सम्मुख नत होते हैं,रावण अधम महा बलि बाली।। जो नायक ब्रह्माण्ड का भी है,ग्रह,…
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चुड़ैल से प्यार
दो सहेलियां जो नवविवाहित है आपस में बाते कर रही है अपनी अपनी नई जिंदगी के बारे में एक दूसरे…
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मधुरिम भोर
मुर्गा ने बोला कूकडूॅं कू ,देखो हुआ मधुरिम भोर ।पौ फटते चुचुहिया बोली ,होत प्रात खग के शोर ।।मधुरिम बेला…
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इंसानियत
मोहल्ले की दीवार पर चिपकाएक बड़ा सा कागज, सबको दिखा था।उस पर कुछ लिखा था।आम आदमी हैरत सेउसे देख रहा…
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लिखता हूं, मिटाता हूं,
लिखता हूँ, मिटाता हूँ — रोज़ एक नई लकीर बनाता हूँ,मेरे घर की टूटी दीवार को मैं रोज़ गिराता और…
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