Uncategorized
-
पृथ्वी दिवस
विधा: दोहा छंद गीत हरियाली फैली हुई, हो चारों ही ओर।मातु प्रकृति की गोद में, पाएगा सुख भोर।। प्लास्टिक रोक…
Read More » -
भावनाओं का खेल
दिल के अंदर चुपचाप, एक दुनिया बसती है,कभी हँसी के फूल खिलें, कभी आँखें भीगती हैं। छोटी-छोटी बातों में, मन…
Read More » -
साँसों का हिसाब
साँसों की यह बहती धारा, जीवन-मौत का संगम है,गिन-गिन कर दीं साँसें उसने, उसका ही ये आलम है।। वही समय…
Read More » -
पृथ्वी का सिंगार
वृक्ष धरा के आभूषण हैं,जीवन का आधार सखे!रोपावनी कराकर करना,पृथ्वी का श्रृंगार धरती का करते पोषण हैं,अमृत जल बरसा करके!कोख…
Read More » -
जीवन की रफ्तार
घड़ी की सुइयां भाग रही हैं, थमता नहीं है शोर,कल की चिंता खींच रही है, अपनी-अपनी ओर। दौड़ रही है…
Read More » -
पेड़ हमारे जीवन साथी
विधा- कविता मेरे जीवन साथी,ओ मेरे जीवन साथी,साथ निभाना जीवन साथी,मेरी हर सांस तुझसे है,मेरी हर बात तुझसे है,मेरा जीवन…
Read More » -
ऋण अभी बाकी है
विधा- कविता कुछ ऋण चुकाने अभी बाकी हैं।सोचा था इसी जीवन में ,हर ऋण से मुक्त हो जाऊंगी।नहीं लेना पड़ेगा…
Read More » -
डॉ दीपाली वार्ष्णेय के स्वास्थ्य मंत्रों से सजा कल्प प्रगीत आनंद मंच।
आदिगुरू शंकराचार्य, संत शिरोमणि सूरदास जी के जन्मोत्सव, भारतीय राष्ट्रीय प्रशासनिक सेवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ…
Read More » -
भय उत्पन्न अनजानी व्यक्ति से
संघ में लोग मिलजुलकर रहते हैंउनके विचार अलग अलग होते हैंकुछ लोगों के ख्याल भला होते हैंबुरा विचार होता है…
Read More » -
ये चुनाव जब भी आते हैं |
ये चुनाव जब भी आते हैं |देकर लोभ लुभा जाते हैं ||आए कभी न वर्षों से जो |गले लगाकर सहलाते…
Read More »









