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शिक्षक और समाज
संघर्ष, प्रयास और अनुभव सामाजिक दृष्टि से सशक्त शिक्षक होते हैं। महान शिष्य स्वामी विवेकानंद ने अपने महान शिक्षक और…
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सामयिक चर्चा
विक्रम संवत् २०८२ भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा अर्थात आने वाले 7 सितंबर 2025 से पितृपक्ष आरंभ हो रहा है—पितृपक्ष तथा नवरात्र…
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आभार एवं धन्यवाद
आज का दिन मेरे लिए अत्यन्त भावनात्मक और स्मरणीय है। साहित्यिक सचेतना के संस्थापक आदरणीय नरेंद्र रावत ‘नरेन’ जी तथा…
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सेवा और त्याग की सार्थकता
“सच्ची और सम्मान के लिए पैसे की नहींबल्कि सेवा और त्याग की जरूरत होती है”सेवा और त्याग, मनुष्य जीवन का…
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सोशल मीडिया का समाज पर प्रभाव
आज का युग विज्ञान का युग है यहां पर नित नये-नये आविष्कार जन्म लेते हैं और उनका प्रभाव सकारात्मक भी…
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भारत की पराधीनता
हमारे भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। हमारा भारत कभी मानवता के सागर के लिए जाना जाता…
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राजनीति में गालीवाद का उदय
© आलेख: डॉ. अभिषेक कुमार राजनीति, जो कभी, समाज के पिछड़े, वंचितों के उत्थान, बिना भेदभाव के समाज की सेवा,…
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सर्वेश्वरी प्राकट्य महोत्सव का भव्य आयोजन आचार्य पीठ – अमेठी में सम्पन्न होगा।
अमेठी, उत्तर प्रदेश –श्रीनिम्बार्क सेवासंस्थान अमेठी विश्व परिवार की ओर से यह सूचित किया जाता है कि३१ अगस्त २०२५, रविवार…
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समाधि पाद
सूत्र– ९ शब्दज्ञानानुपाती वस्तुशून्यो विकल्पः। शब्दज्ञानानुपाती= जो ज्ञान शब्दजनित ज्ञान के साथ-साथ होने वाला है; {और} वस्तुशून्यः= जिसका विषय वास्तव…
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साधना पाद
सूत्र– ८ विपर्ययो मिथ्याज्ञानमेतद्रूपप्रतिष्ठम् । तद्रूपप्रतिष्ठम्= जो उस वस्तु के स्वरूप में प्रतिष्ठित नहीं है, ऐसा; मिथ्याज्ञानम्= मिथ्या ज्ञान; विपर्ययः=…
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