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आंधियों का दौर
लिखने को मन करता है–जब इस जग चिड़ियां चहचहाएंजब धरा परसुख की आस होक्या कहेंऔर क्या लिखेंअगरचल रही हों आंधियांतूफ़ान…
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तुम किसकी प्रतीक्षा में
निराशा से रहतारात देर से सो जाताइधर उधर फिरताठीक से भोजन नहीं लेतातुम किसकी प्रतीक्षा में होते। पढ़ाई में ध्यान…
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ख़्वाबों की परछाई
आजकल वो सपने में फिर से आने लगी हैं,बनके फिर से इश्क़ की परछाई सताने लगी हैं। जो दफ़्न कर…
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दो लफ्ज़
हमें तो कुछ ना कहना हैकहीं फिर वो ,अपने पे न आ जाए,,।है ,आज भी बहुत गर्म हवाएं,,,फिर कहीं हम…
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चंचल मन
जीवन है पानी समान हैबहता रहता हर दिशा मेंमन है यह मिट्टी समानहर परिस्थित में आकार लेता। सुख दुख सब…
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ऋतुराज बसंत और होली
महुआ फूलों से महक रही है आम्र मंजरिया झूल रही हैं । नव-सृजन, नव-कोंपल उभर रही हैं । कुहू-कुहू कोयल…
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होली
विधा- कविताशीर्षक- रंगो का त्यौंहार रंगो का त्यौंहार है होली,खुशियों की बौछार है होली lरंग-बिरंगे रंगो से खेलो,मधुर मिलन की…
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फागुन का रंग
आयी वसंत झूमकर,खुशी हुई देखकरचहुंओर हरियाली छायीमन सबो का हर्षायीतरू लता,मे पत्ते निकलेआमों मे मंजरी छायेपलाश,टेसू मे पुष्प खिलेसरसों मे…
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समय प्रबंधन की कला
पहला कदम जीवन में हमारा, दृढ लक्ष्य हो,जीवन के आनंद लेने का, एक ठोस मकसद हो।दूसरा कदम, प्रतिदिन के कामों…
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भीड़ में खोए चेहरे
आधुनिकता की चकाचौंध में आज भी भीड़ में खोए कुछ चेहरे, बस उम्मीद की लौ लिए निकलते हैं। अंजुरी भर…
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