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समाधि पाद सूत्र– ३६
विशोका वा ज्योतिष्मती ।वा= इसके सिवा {यदि}; विशोका= शोक रहित; ज्योतिष्मती= ज्योतिष्मती प्रवृत्ति {उत्पन्न हो जाए तो वह} भी मन…
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समाधि पाद सूत्र– ३५
विषयवती वा प्रवृत्तिरुत्पन्ना मनसः स्थिति निबन्धनी । विषयवती= विषय वाली; प्रवृत्ति:= प्रवृत्ति; उत्पन्ना= उत्पन्न होकर वह; वा= भी; मनस:= मन…
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कल्पकथा का मासिक सम्मान समारोह, ज्योति प्यासी को समग्र, डॉ मंजू शकुन खरे को विद्वत मंच संचालन, विजय रघुनाथराव डांगे को स्वरसाधक सम्मान।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह…
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हिन्दू राष्ट्र के समावेशी विचार से ओत – प्रोत रही कल्पकथा काव्यगोष्ठी।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित, राष्ट्र प्रथम हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
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विकास खण्ड ठेकमा क्षेत्र के पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
सत्य, निष्ठा और समाज सेवा के मूल्यों को समर्पित “सत्यशोधक पत्रकारिता गौरव सम्मान समारोह – 2025” का आयोजन विकास खंड…
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चैंपियन बेटियां
शीर्षक – भारत की बेटियां हर खेल के मैदान पर,ये रचती इतिहास हैं,भारत की ये बेटियाँ,देश का विश्वास हैं। अडिग,अनमोल,सशक्त…
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गुरु नानक देव
झूमे धरती, झूमे अंबर,जब गुरु का नाम पुकारा,करतारपुर के वासी,गुरु नानक,तूने जग को तारा। एक ही नूर से सब जग…
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पत्थर
श्रेणी : आध्यात्मिक(सोलह मात्रा छंद ) पत्थर में भी प्राण बसें, पर हम उसको पहचान न पाए,ठोकर मारें राह चलें,…
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ग़ज़ल
बाहर है हामी-मानी।अंदर से आना-कानी। पहचानी है आँखें पर,नज़रें लगती अंजानी। जीत ज़ुबानी बातों की,जतलाती है हैरानी । भटकायेगी थोड़ा…
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बोलती क़लम
श्रृंगार रस / 16 मात्रा छंद (पद – 1)तेरी याद सजे हर अक्षर मेंमन की कलियों में खुशबू हैक़लम लिखती…
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