Vijay Kumar
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साहित्य
परमेश्वर
परमाज्ञानी, परम यशस्वी,परम पुनीत परम बलशाली।जिसके सम्मुख नत होते हैं,रावण अधम महा बलि बाली।। जो नायक ब्रह्माण्ड का भी है,ग्रह,…
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साहित्य
चुड़ैल से प्यार
दो सहेलियां जो नवविवाहित है आपस में बाते कर रही है अपनी अपनी नई जिंदगी के बारे में एक दूसरे…
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साहित्य
मधुरिम भोर
मुर्गा ने बोला कूकडूॅं कू ,देखो हुआ मधुरिम भोर ।पौ फटते चुचुहिया बोली ,होत प्रात खग के शोर ।।मधुरिम बेला…
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इंसानियत
मोहल्ले की दीवार पर चिपकाएक बड़ा सा कागज, सबको दिखा था।उस पर कुछ लिखा था।आम आदमी हैरत सेउसे देख रहा…
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साहित्य
लिखता हूं, मिटाता हूं,
लिखता हूँ, मिटाता हूँ — रोज़ एक नई लकीर बनाता हूँ,मेरे घर की टूटी दीवार को मैं रोज़ गिराता और…
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साहित्य
शबरी की राहों में राम आये
शिवरीनारायण के घाट पे,तीन नदियाँ मिल गए,राम नाम गाती लहरें —कब राम मेरे घर आये शबरी रोज जपती रहती,बेर चुनती…
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साहित्य
कविता – बाजार और महंगाई
खूब सजा दिख रहा है आज बाजार,अबकी बार तो, खूब रहेगा ये गुलजार।देखो सभी ओर, लगी हुई है रेलम-पेल,अरे! किसी…
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साहित्य
परमप्राज्ञ
परमप्राज्ञ की दृष्टि में, जग का हर रूप समान,नहीं वहाँ कोई भेदभाव, न ऊँच-नीच, न मान।परमप्राज्ञ के नेत्रों से, बहता…
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साहित्य
समाधि पाद सूत्र– २१
तीव्रसंवेगानामासन्नः । तीव्रसंवेगानाम्= जिनके साधन की गति तीव्र है, उनकी {निर्बीज समाधि} आसन्नः= शीघ्र {सिद्ध} होती है । अनुवाद– जिनके…
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साहित्य
समाधि पाद सूत्र– २०
श्रद्धावीर्यस्मृतिसमाधिप्रज्ञापूर्वक इतरेषाम । इतरेषाम्= दूसरे साधकों का {निरोधरूप योग} श्रद्धावीर्यस्मृतिसमाधिप्रज्ञापूर्वकः= श्रद्धा, वीर्य, स्मृति, समाधि और प्रज्ञापूर्वक {क्रम से} सिद्ध होता…
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