Vijay Kumar
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साहित्य
तृष्णा पर विजय
तृष्णा पर विजय प्राप्त कर ,तृष्णा है अपूर्ण अभिलाषा ।तृष्णा में ही ये जीवन बीता ,अंतिम श्वास ये बीता त्रासा…
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साहित्य
सौहार्द को जीत लो
मधुर स्वभाव प्रीत ले ,मानवता को मीत ले ,हर्षित मन तू गीत ले ,सुखद सौहार्द जीत ले ।जीवों का त्रास…
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साहित्य
सत्य अक्सर कड़वा होता है
सत्य बोलना हमेशा लाभप्रद होता है,सत्य वचन याद नहीं रखना होता है,सत्य सदा सरल व निष्छल होता है,हाँ, पर सत्य…
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साहित्य
कितना लेगा अब तु मेरा इम्तिहान।
घर में अपने रों रहा हूँ पीटकर कपाड़ रे कान्हाकितना लेगा अब तु मेरा इम्तिहान रे कान्हाअब तो बूला ले…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ शुक्ल शुभ पक्ष की, एकादशी महान।सर्व वेद श्रुति संत जन इसका किए बखान।जो करते उपवास हैं, व्रत का सुने…
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साहित्य
अपना ख़्याल रखना
अपना ख़्याल रखना कहा तो उसने पर कहा माना तो देखा न गया।यह तंज था या रंजो गम के निशां…
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साहित्य
निर्जला एकादशी का महत्वछंदमुक्त
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष में,पावन तिथि यह आती है,निर्जला एकादशी भक्तों को,हरि-भक्ति पथ दिखलाती है। जल का त्याग कर…
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साहित्य
ग़ज़ल
बात थोड़ी आपकी भाती तो है।कुछ कवायद सच नज़र आती तो है। क्या हुआ वो पेड़ जिस पर फल नहीं,बैठकर…
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साहित्य
प्यार काहे बनाया राम ने…
मनुष्य के जीवन में यदि कोई भावना सबसे अधिक सुंदर, रहस्यमयी और शक्तिशाली है, तो वह है प्यार अर्थात् प्रेम।…
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साहित्य
गुजरता हुआ वक्त
सच, गुजरा हुआ वक्त, कितना तेज़ी से जाता हैकुछ एहसास, कुछ यादें, और रिश्तो की मिठासदेकर मन को आह्लादित कर…
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