Vijay Kumar
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साहित्य
ॐ नम: शिवाय
ताटंक छंद(16-14 यति,अंतमें222) आज चलो शिव के चरणों में,श्रद्धा-सुमन चढ़ायेंगे ।पाकर आशीर्वाद उन्हीं से,जीवन सफल बनायेंगे।श्रावण है यह मास सुहावन,…
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साहित्य
अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त,शिक्षक,साहित्यकार सुनील कुमार खुराना को “सुख़न का आशियाँ” द्वारा “श्रेष्ठ समीक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया
सहारनपुर/ऑनलाइन, 5 अगस्त 2026साहित्य जगत की प्रतिष्ठित संस्था “सुख़न का आशियाँ” द्वारा आयोजित ऑनलाइन साहित्यिक संगोष्ठी में उत्कृष्ट समीक्षा हेतु…
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साहित्य
बारिश की बूँदें
बारिश की बूँदें अब आयींफूल पत्तियाँ सब मुस्काईंपशु पक्षी हैं शोर मचातेजैसे मृदु स्वर में हैं गाते । झूम रही…
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साहित्य
सावन की बहार
दामिनी चमके मेघा गरजे,झूम झूम के बहे पुरवाई!रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,हर्षित मन पुलकित तन भाई!! सावन की बहार है आई!…
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साहित्य
इतने छुटे रे बादल मेरे हाथ से ,
मेरा मनतरस – तरस गया रे बरसात में, मेरे नयन बरस रहें हैं सारी रात से, मुझे मत बहला मिठी…
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साहित्य
मेरे पास गीता है
शब्दों की भीड़ नहीं है, मेरे पास सच्चाई है,मैं सागर जैसा हूँ, इसलिए हर नदी समाई है।उपदेश नहीं देता, खुद…
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साहित्य
मैं संतान हूं
मैं कलयुग का संतान हूंजिस मां-बाप ने जन्म दियापरवरिश कर बड़ा कियाखूब लाड़ प्यार दियाजिंदगी जीने का सहारा दियाआज उन्हें…
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साहित्य
यादों के आलिंगन में
आज भी यादों के आलिंगन में जीती हूंवो यादें भुलाए नहीं भूलती न ही भूल पाऊंगीजब तुम थी तो मैं…
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साहित्य
कोई नहीं जानता है मेरे दिल के ज़ख्मों को,
कोई नहीं जानता है मेरे दिल के ज़ख्मों को,आज भी मेरे दिल पर गहरे निशान हैं , तुमने कहा था…
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साहित्य
साथ जो है मुझे तेरा
ओ भोला भंडारी साथ जो है मुझे तेरा |जीवन में चाहे जितना भी हो अंधेरा |लेकिन भरोसा है तुझ पर…
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